एक्सप्रेसवे-हाईवे पर नहीं थम रही ओवरस्पीडिंग, 48 घंटे में 6777 वाहनों का काटा चालान, वसूला 1.38 करोड़ का जुर्माना
उत्तर प्रदेश में 'ऑपरेशन सेफ स्पीड' के तहत 48 घंटे में 6777 वाहनों के चालान किए गए, जिससे 1.38 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया।

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HighLights
ऑपरेशन सेफ स्पीड के तहत 48 घंटे में 6777 चालान।
तेज रफ्तार वाहनों से 1.38 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया।
यमुना एक्सप्रेसवे पर सर्वाधिक 3116 वाहनों के चालान हुए।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार से वाहन चलाने वालों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए गए आपरेशन सेफ स्पीड के तहत दो दिन यानी 48 घंटे में 6777 वाहनों के चालान किए गए और 1,38,32,500 रुपये का जुर्माना दर्ज किया गया।
26 और 28 अक्टूबर को चलाए गए इस विशेष अभियान में प्रदेश के नौ एक्सप्रेसवे और एक हाईवे समेत कुल 10 मार्गों पर वाहनों की गति की निगरानी कर कार्रवाई की गई। इंटरसेप्टर वाहनों के माध्यम से निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन करने वाले वाहनों को चिह्नित किया गया।
अभियान के दौरान यमुना एक्सप्रेसवे पर सबसे अधिक 3116 वाहनों के चालान किए गए और 66.98 लाख रुपये का जुर्माना दर्ज किया गया। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर 1289 चालान के साथ 24.18 लाख रुपये तथा लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर 537 चालान के साथ 11.82 लाख रुपये का जुर्माना दर्ज हुआ।
गंगा एक्सप्रेसवे पर 553, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर 497, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 348, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर 214, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर 103 और गोरखपुर-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे पर 90 वाहनों के चालान किए गए।
कानपुर-वाराणसी हाईवे पर भी 30 वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। यातायात निदेशालय के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार दुर्घटनाओं के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल है। अधिक गति होने पर चालक को अचानक सामने आने वाली बाधा के प्रति प्रतिक्रिया देने का कम समय मिलता है। इससे दुर्घटना होने की स्थिति में गंभीर चोट लगने या मृत्यु होने की आशंका बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए चिह्नित स्थानों पर इंटरसेप्टर वाहनों के माध्यम से निगरानी की जा रही है।
चालान ही नहीं, उद्देश्य जागरूक करना भी है: एडीजी ट्रैफिक
अपर पुलिस महानिदेशक, यातायात ए. सतीश गणेश ने कहा कि एक्सप्रेसवे पर निर्धारित गति सीमा का पालन सड़क सुरक्षा की अहम शर्त है। तेज रफ्तार में वाहन चलाना न केवल चालक, बल्कि उसमें सवार यात्रियों और सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के जीवन के लिए भी जोखिम पैदा करता है।
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आपरेशन सेफ स्पीड के माध्यम से नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के साथ उन्हें सुरक्षित गति से वाहन चलाने के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।
