अमित शाह की 'चुनावी पाठशाला': 2027 के लिए भाजपा का 'मिशन यूपी' तय, 2014-17 के फॉर्मूले से जातिगत नैरेटिव की काट
भाजपा लखनऊ में अपनी सबसे बड़ी प्रदेश कार्यसमिति बैठक कर रही है, जहाँ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 2027 विधानसभा चुनावों के लिए बूथ प्रबंधन और चुनावी रणनीति पर मार्गदर्शन देंगे।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह।
HighLights
अमित शाह बूथ प्रबंधन पर देंगे चुनावी रणनीति।
2027 विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा की तैयारी।
जातिवाद, आरक्षण पर होगी गहन चर्चा।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। चुनावी वर्ष में भाजपा डा. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय स्थित डा. भीमराव आंबेडकर प्रेक्षागृह में अपनी सबसे बड़ी सांगठनिक बैठक (प्रदेश कार्यसमिति) करने जा रही है, जिसके बाद पार्टी पूरी तरह चुनावी मुद्रा में आ जाएगी। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह अपनी पाठशाला में बूथ प्रबंधन को नई धार देते हुए 2014 एवं 2017 के माडल को जमीन पर उतारने की रणनीति बनाएंगे। राजनीतिक प्रस्ताव पास किया जाएगा।
विपक्षी दलों के नैरेटिव, जातिवाद, यूजीसी एवं आरक्षण के असर से निपटने की रणनीति केे साथ ही एमएलसी चुनाव में कमजोर प्रदर्शन पर भी मंथन होगा। एक दिन पहले प्रदेश कार्यालय में हुई बैठक में राजनीतिक प्रस्ताव पढ़ा गया, जिसमें युवाओं, किसानों, महिलाओं, ओबीसी एवं एससी का भरोसा जीतने पर फोकस करने के लिए कहा गया। भाजपा के सामने 2027 का विधान सभा चुनाव बड़ी चुनौती बनकर खड़ा है।
केेंद्रीय मंत्रियों, दोनों उप मुख्यमंत्रियों, सांसदों, राज्य सभा सदस्यों, प्रदेश सरकार में मंत्रियों, विधायकों एवं विधान परिषद सदस्यों, पिछले लोकसभा 2024 एवं 2022 विधान सभा चुनाव में पार्टी के टिकट पर लड़ने वाले प्रत्याशियों, प्रदेश से लेकर जिला इकाइयों के अध्यक्षों व महामंत्रियों एवं मोर्चा अध्यक्षों एवं महामंत्रियों समेत 2850 लोगों को बैठक में बुलाया गया है।सुबह साढ़े आठ बजे से कार्यकर्ता पहुंचने लगेंगे। एक दिनी कार्यसमिति का समापन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे।
प्रदेश कार्यालय पर गुरुवार को प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी एवं संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने सह प्रभारी मेधा कुलकर्णी, अनंत ओझा, प्रदीप वर्मा के साथ ही महामंत्रियों, उपाध्यक्षों एवं मंत्रियों के साथ बैठकर कार्यसमिति की तैयारियों पर चर्चा की। पदाधिकारियों से व्यवस्था प्रबंधन की जानकारी ली गई।
पार्टी ने जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं से कहा है कि शहर को होर्डिंगों एवं बैनरों से पाटने के बजाय चौराहों पर झंडे लगाएं। जिलाध्यक्षों, जिला प्रभारियों एवं महामंत्रियों को कहा गया है कि वो रात्रि विश्राम अपने क्षेत्र के विधायक निवास पर कर लें। मेहमानों के लिए गेस्ट हाउसों को भी बुक किया गया है। पंजीकरण, वाहन, भोजन एवं ट्रैफिक के लिए अलग-अलग लोगों को जिम्मेदारी दी गई है।
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प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि संगठनात्मक कायों की समीक्षा करने एवं आगामी कार्ययोजना को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने पर जोर होगा। पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि विधान सभा चुनाव से ठीक पहले संगठन की सबसे बड़ी बैठक सीधे तौर पर चुनावी रणनीति की पर फोकस होगी।
