विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यूपी में एक तिहाई बिजली ग्राहकों की शिकायतों का समय पर नहीं होता समाधान, वर्टिकल व्यवस्था खत्म करने की सिफारिश

Published: Thu, 24 Sep 2026 09:50 PM (IST)

उत्तर प्रदेश में एक तिहाई बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतें समय पर निस्तारित नहीं हो पाती हैं, जिसके लिए 'वर्टिकल व्यवस्था' को जिम्मेदार ठहराया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. एक तिहाई बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतें समय पर हल नहीं होतीं।

  2. 'वर्टिकल व्यवस्था' को शिकायतों के देरी का मुख्य कारण बताया गया।

  3. सरल और जवाबदेह शिकायत निवारण तंत्र विकसित करने की मांग की गई।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। बिजली का कनेक्शन से लेकर आपूर्ति, मीटर या बिल संबंधी किसी भी तरह की शिकायत को निस्तारित करने की समयसीमा तो तय है लेकिन प्रदेश के एक-तिहाई उपभोक्ताओं की शिकायतों का समय से निस्तारण नहीं हो रहा है। टोल फ्री नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज कराने के बावजूद उपभोक्ताओं को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

सभी उपभोक्ताओं को समय से राहत न मिलने के पीछे वर्टिकल व्यवस्था को जिम्मेदार मानते हुए उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने मौजूदा व्यवस्था को समाप्त कर अधिक सरल, सीधा और जवाबदेह शिकायत निवारण तंत्र विकसित करने की मांग की है।

परिषद अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने बताया कि पहली अप्रैल से 20 सितंबर तक 1912 के माध्यम से 96,36,399 शिकायतें दर्ज कराई गईं। इनमें 63,35,239 शिकायतों का ही तय समय में निस्तारण किया गया। 32,22,108 उपभोक्ताओं को शिकायत के निस्तारण के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा।

उपभोक्ताओं को समय से नहीं मिल रही राहत

वर्मा ने उपभोक्ताओं को हो रही दिक्कतों को देखते हुए कहा कि वर्टिकल व्यवस्था (हर एक कार्य के लिए अलग-अलग अभियंता) के कारण ही ऐसा हो रहा है। वर्टिकल व्यवस्था में जवाबदेही तय करना मुश्किल हो रहा है इससे उपभोक्ताओं को समय से राहत नहीं मिलती।

वर्टिकल व्यवस्था को समाप्त करने की मांग करते हुए वर्मा ने कहा कि 1912 का ऐसा सिस्टम बने जिसमें शिकायत सीधे संबंधित जिम्मेदार अधिकारी के पास पहुंचे, समयसीमा स्वतः तय हो और पूरी प्रक्रिया डिजिटल रूप से ट्रैक की जा सके।

यह भी पढ़ें- यूपी के सभी सरकारी कर्मचारियों को पूरे करने होंगे दो कोर्स, मुख्य सचिव ने जारी किया आदेश

तय समयसीमा गुजरते ही शिकायत स्वतः उच्च अधिकारी के पास पहुंच जाए। वर्मा ने कहा कि हर तरह की शिकायत के लिए पहले से समयसीमा तय है। तय अवधि में निस्तारित न होने पर मुआवजा देने की व्यवस्था भी है।

शिकायतों के निस्तारण की स्थिति
डिस्काम कुल शिकायतें तय अवधि में निस्तारित बाद में निस्तारित
पूर्वांचल 22,05,438 13,61,577 8,32,515
दक्षिणांचल 18,49,321 14,40,605 3,97,183
मध्यांचल 32,29,941 22,21,745 9,88,157
पश्चिमांचल 16,56,378 9,43,265 6,89,505
केस्को 6,95,321 3,68,047 3,14,748
कुल 96,36,399 63,35,239 32,22,108