लखनऊ, जेएनएन। राजनीति में अप्रत्याशित कुछ भी नहीं है। मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव ने भाजपा की सदस्यता ली ही थी कि उनका स्वागत करते हुए पार्टी के ज्वाइनिंग कमेटी के अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने इस कड़ी में सपा मुखिया अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल सिंह यादव का नाम जोड़कर प्रदेश का सियासी पारा चढ़ा दिया। हालांकि, भाजपा के संपर्क में होने के दावे का खुद खंडन करते हुए शिवपाल ने इसे तथ्यहीन और निराधार बताया है।

अपर्णा यादव के भाजपा में शामिल होने के तुरंत बाद एक चैनल से बातचीत में लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने कहा कि यह बहुप्रतीक्षित ज्वाइनिंग है। इससे भाजपा और अपर्णा, दोनों को फायदा होगा। अखिलेश यादव अपने परिवार की टूटन भी नहीं बचा पा रहे हैं तो प्रदेश को क्या संभालेंगे, यह संदेश जनता को ले लेना चाहिए। वहीं, शिवपाल सिंह यादव के प्रश्न पर बोले कि अखिलेश के चाचा शिवपाल उनसे मिलने गए, बैठे और बात की, लेकिन फिर झटका लगा। अब वह (शिवपाल) भाजपा के संपर्क में हैं। बाजपेयी ने कहा कि प्रसपा के अध्यक्ष राजनीतिक व्यक्ति हैं। उनके साथ न्याय नहीं करोगे तो वह कहीं तो प्रयास करेंगे।

भाजपा नेता के इस बयान को सत्ता के गलियारे में हवा मिली तो तुरंत ही शिवपाल आगे आए और ट्वीट के माध्यम से इसका खंडन किया। उन्होंने जारी पत्र में लिखा- 'लक्ष्मीकांत बाजपेयी के इस दावे में कोई सच्चाई नहीं है कि मैं भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकता हूं। यह दावा पूर्णतया निराधार और तथ्यहीन है। मैं अखिलेश यादव के नेतृत्व वाले समाजवादी पार्टी गठबंधन के साथ हूं और अपने समर्थकों से आव्हान करता हूं कि प्रदेश की भाजपा सरकार को उखाड़ फेंक दें एवं प्रदेश में समाजवादी पार्टी के गठबंधन वाली सरकार बनाएं।

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भाजपा सरकार तो कहती है कि दबंग और माफिया प्रदेश से डर के भाग चुके हैं, तो फिर ये क्या है? किसान की जमीन पर जबरन कब्ज़ा कर उन्हें धमकाया जा रहा है। उनके खेतों को तहस-नहस कर दिया गया। कब जागेगी सरकार? कार्रवाई कब की जाएगी? माफियाओं से छुटकारा पाने के लिए जनता फिर से बसपा को लाएगी। #हरमुद्देपरविफलभाजपासरकार - Satish Chandra Misra (@satishmisrabsp) 20 Jan 2022

Edited By: Anurag Gupta