लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी का सफाया करने के लिए उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने ठान ली है। छोटे दलों के साथ गठबंधन को वरीयता देने वाले अखिलेश यादव ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय लोकदल के साथ मिलकर ताल ठोंकी है। मुजफ्फनगर में शुक्रवार को संयुक्त रूप से मीडिया को संबोधित करने के शनिवार को गाजियाबाद होकर अखिलेश यादव और जयंत चौधरी हापुड़ पहुंचे और पार्टी के प्रत्याशियों के पक्ष में समर्थन यात्रा के बाद मीडिया को संबोधित भी किया।

हापुड़ में अखिलेश यादव के साथ जयंत चौधरी ने गठबंधन की जीत को लेकर हुंकार भरी। अखिलेश यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी किसानों के हित की बात करती है, लेकिन किसानों को सबसे अधिक दर्द भाजपा ने ही दिया है। किसानों ने ही भाजपा को झुकाया है। जिसके कारण ही भाजपा को तीनों काले कृषि कानून को वापस लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि अब तो किसानों ने ही भाजपा का सफाया करने का मन बना लिया है।

अखिलेश यादव ने कहा कि किसानों के साथ ही अब तो नौजवान भी बदलाव चाहता है। नौजवानों को भी जमकर ठगा गया है। उनको नौकरी तथा रोजगार के सपने दिखाकर लूटा गया है। नौकरी के नाम पर इनको लाठियां मिली हैं। यह तो तय है कि नौजवान इस बार बदलाव चाहता है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि जब कोई पहलवान हारने लगता है तो हाथ-पैर फड़फड़ाता है, कभी काटता है, खरोंचता है या गला घोंटता है। यही तो बीजेपी कर रही है।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा ने विकास के नाम पर हवाई अड्डे तथा हवाई जहाजों को बेचा है। रेलवे स्टेशन को भी ठेके पर दे दिया है। भाजपा सरकार तो हर तरफ निजीकरण कर रही। भाजपा सरकार निजीकरण कर संविधान खत्म करने की कोशिश में लगी है। अखिलेश यादव ने भरोसा जताया कि जनता इस बार समाजवादी पार्टी के गठबंधन को ऐतिहासिक जीत दिलाएगी।

राष्ट्रीय लोकदल के मुखिया जयंत चौधरी ने कहा कि हम समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश को खुशहाली के रास्ते पर ले जाएंगे। विकास को और गति देने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के कार्यकाल में गढमुक्तेश्वर का व्यापक विकास तथा विस्तार होगा। इस बड़े तीर्थ स्थल को विकसित करेंगे। जयंत चौधरी ने कहा कि वो मेरे ईमान और जज़्बात को नहीं समझ पाए, हम लोग अपने मुद्दों, किसानों के साथ बेवफाई नहीं कर सकते। पिछले कई सालों से मैं विपक्ष में हूं, मैं चुनाव हार गया मुझे इसका कोई मलाल नहीं है। ऐसा कोई कारण या प्रलोभन नहीं है जिससे मैं टूट जाऊं और अपना फैसला बदल दूं।

Edited By: Dharmendra Pandey