डिजिटल पुस्तकालय योजना पर खींचतान, मंत्री राजभर ने सीएम को लिखा पत्र, कार्यदायी संस्था बदलने की सिफारिश
पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने ग्राम पंचायतों में डिजिटल पुस्तकालयों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए दूसरे चरण ...और पढ़ें

HighLights
मंत्री राजभर ने डिजिटल पुस्तकालयों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
दूसरे चरण का काम दक्ष कार्यदायी संस्था को देने की मांग।
बारात घर योजना में लापरवाही की जांच की भी सिफारिश।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। ग्राम पंचायतों में स्थापित किए जा रहे डिजिटल पुस्तकालयों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाने के बाद पंचायती राज मंंत्री ओम प्रकाश राजभर ने दूसरे चरण का काम राज्य सरकार की किसी दक्ष कार्यदायी संस्था को दिए जाने पर पुनर्विचार करने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। विभाग से इस योजना की फाइल मंगाते हुए पुस्तकालयों की स्थापना का कार्य समेकित रूप से किसी दक्ष संस्था से कराने की संस्तुति के साथ मुख्यमंत्री के पास भेजा है।
अब मुख्यमंत्री के निर्णय के बाद ही दूसरे चरण में शामिल 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल पुस्तकालयों की स्थापना का काम शुरू हो सकेगा। इससे पूर्व विभागीय अधिकारियों ने मंत्री के सुझाव को विपरीत पहले चरण की तरह ही दूसरे चरण में भी 454 करोड़ रुपये से 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल पुस्तकालय स्थापित किए जाने की फाइल आगे बढ़ाई थी, जिसे मुख्यमंत्री का अनुमोदन मिल चुका है।
इस फाइल में पहले चरण की तरह दूसरे चरण में भी हर जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित कमेटी द्वारा फर्नीचर व पुस्तकों की खरीद तथा उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट सिस्टम्स कारपोरेशन (यूपीडेस्को) के माध्यम से कंप्यूटर व टेलीविजन खरीदा जाना शामिल है। सूत्र बताते हैं कि भ्रष्टाचार की शिकायत करने के बाद मंत्री ने दूसरे चरण की फाइल फिर से आगे बढ़ाने का निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिया था।
फाइल आ जाने पर मंत्री ने विधान सभा चुनाव से पहले दूसरे चरण का काम पूरा कराने का हवाला देते हुए पुस्तकालयों की स्थापना का कार्य किसी दक्ष कार्यदायी संस्था के माध्यम से कराने की संस्तुति करते हुए पुनर्विचार के लिए मुख्यमंत्री के पास भेज दिया है। वहीं पहले चरण में 454 करोड़ रुपये की लागत से 11,350 ग्राम पंचायतों में चल रहे डिजिटल पुस्तकालयों की स्थापना के काम को पूरा कराने में विभाग युद्धस्तर पर जुटा है।
इन पुस्तकालयों में पुस्तकें और फर्नीचर आपूर्ति का काम लगभग पूरा हो चुका है। यूपीडेस्को ने कंप्यूटर व टेलीविजन आपूर्ति का काम शुरू कर दिया है। 30 सितंबर तक पहले चरण में शामिल 11,350 पंचायतों में पुस्तकालय स्थापित कर दिए जाने का लक्ष्य है।
बारात घर योजना की भी जांच कराना चाहते हैं मंत्री
मंत्री ने 14वें वित्त आयोग से मिले परफार्मेंस ग्रांट की धनराशि से ग्रामीण क्षेत्रों के लिए स्वीकृत 32 बारात घर के काम में अधिकारियों द्वारा लापरवाही बरते जाने की शिकायत भी मुख्यमंत्री से की है। उन्होंंने कहा है कि योजना स्वीकृत होने के दो वर्ष बाद भी किसी बारात घर का काम पूरा नहीं हो सका है।
इसकी जांच कराने की मांग की है। अधिकारियों के मुताबिक जमीन नहीं मिल पाने की वजह से सिर्फ 25 बारात घर बनाए जा रहे हैं। दो बारात घर की योजना स्वीकृति में लगी है, 23 का काम चल रहा है। एक बारात घर बनाने का बजट लगभग 3.30 करोड़ रुपये है।
