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UP में 3.61 लाख किसानों ने मांगा मुआवजा, सिर्फ 45828 आवेदनों का सर्वे हुआ पूरा; 70000 एप्लीकेशनों को कार्रवाई का इंतजार

Published: Wed, 16 Sep 2026 06:49 PM (IST)

उत्तर प्रदेश में अतिवृष्टि और बाढ़ से फसल नुकसान के मुआवजे के लिए 3.61 लाख से अधिक आवेदन आए हैं, ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

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HighLights

  1. यूपी में 3.61 लाख आवेदनों में से सिर्फ 45,828 का सर्वे पूरा।

  2. 70 हजार से अधिक आवेदनों पर अभी तक सर्वे शुरू नहीं।

  3. बीमा कंपनियों को त्वरित सर्वेक्षण और क्षतिपूर्ति के निर्देश जारी।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। अतिवृष्टि और बाढ़ से फसलों से पहुंचे नुकसान के सर्वे और मुआवजा वितरण की गति अभी तेज नहीं है। प्रदेश में नुकसान के संबंध में 3,61,120 आवेदन दिए गए हैं, जिनमें से 3,04,028 आवेदक पात्र हैं। हालांकि इनमें से अब तक केवल 45,828 आवेदनों का सर्वेक्षण ही पूरा हो पाया है। 70 हजार से अधिक आवेदन ऐसे भी हैं, जिन पर अभी सर्वे की कार्यवाही शुरू भी नहीं हुई है।

कृषि विभाग के अनुसार फसलों को पहुंचे नुकसान के संबंध में बीमा कंपनियों को संबंधित डीएम और उप कृषि निदेशक के माध्यम से जांच समितियां गठित कराकर जल्द सर्वे कराने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में 1,83,351 आवेदनों का सर्वे प्रक्रियाधीन है और 74,849 आवेदनों का सर्वे किया जाना बाकी है।

कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित किसान की उपस्थिति में मौके पर सर्वेक्षण कराया जाए और त्वरित गति से क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराई जाए। किसान फसल क्षति की सूचना देने के लिए किसान भारत सरकार के टोल फ्री नंबर 14447, कृषि विभाग के किसान काल सेंटर नंबर 0522-2317003, क्राप इंश्योरेंस एप, वाट्सएप चैटबाट नंबर 7065514447 या एनसीआइपी पोर्टल (https://pmfby.gov.in/) का उपयोग कर सकते हैं।

किसान, संबंधित बैंक शाखा, जिले के कृषि या राजस्व अधिकारियों, ग्राम प्रधान या क्षेत्र पंचायत सदस्य के माध्यम से भी व्यक्तिगत दावा बीमा कंपनी को प्रस्तुत कर सकते हैं। विभाग के अनुसार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत वर्तमान खरीफ सीजन में 23.58 लाख किसानों को बीमित किया गया है। इस बार पिछले खरीफ सीजन के मुकाबले 2.94 लाख अधिक किसानों ने बीमा कराया है।

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पिछले सीजन में 20.63 लाख कृषकों द्वारा फसलों का बीमा कराया गया था, जिसके सापेक्ष 7.31 लाख कृषकों को 812.76 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान किया जा चुका है। वहीं वर्तमान वित्तीय वर्ष में 83.90 लाख के लक्ष्य में से अब तक 36.09 लाख केसीसी नवीनीकृत या नए बनाए जा चुके हैं।

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फसली ऋण वितरण के 85,783.09 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 58,103.16 करोड़ रुपये का ऋण दिया जा चुका है।