लखनऊ, [ज्ञान बिहारी मिश्र]। Coronavirus Care Advice: अगर आपकी रिपोर्ट कोरोना निगेटिव आ गई है। बावजूद इसके आपके गले में खराश है और बोलने में दिक्कत आ रही है तो सावधान हो जाएं। कोरोना लोगों की आवाज पर भी वार कर रहा है। ऐसी समस्या से कई मरीज परेशान हैं और वह खुद से अपना इलाज कर रहे हैं, जो उनके लिए घातक साबित हो सकता है। लोहिया अस्पताल में तैनात डा. तेजस्वी कहते हैं कि गले में भारीपन होने पर लापरवाही न करें और चिकित्सक के परामर्श से इलाज शुरू करें। ऐसा देखा जा रहा है कि लोगों की आवाज बैठ जा रही है।

रिपोर्ट निगेटिव आने के बावजूद आ रही समस्या से लोग परेशान हैं। ऐसे में उन्हेंं सुबह शाम नियमित भाप लेते रहना चाहिए। गरारा जारी रखें और गले के भीतर उंगली डालकर उसे साफ करने की कोशिश न करें। इससे संक्रमण और बढ़ सकता हैं। डा. तेजस्वी बताते हैं कि कोरोना संक्रमण के दौरान जिन मरीजों को बहुत ज्यादा खांसी आई है, उनके वोकल कार्ड यानी बोलने वाले तार पर सूजन अथवा गांठ होने की संभावनाएं ज्यादा हो जाती हैं। इसकी वजह से उन्हेंं समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।

वैसे तो गरारा करने से कुछ दिन में अपने आप यह समस्या दूर हो जाती है लेकिन जिन मरीजों को आवाज में भारीपन की शिकायत लंबे समय तक बनी रहती है, उन्हेंं विशेषज्ञ से परामर्श लेने के बाद गले की दूरबीन से जांच करानी चाहिए। मरीज खुद से कोई दवा न शुरू करें। इससे उन्हेंं और ज्यादा परेशानी हो सकती है। पिछले कुछ दिनों में संक्रमण से मुक्त हो चुके मरीजों में गले में खराश और आवाज में भारीपन की समस्या तेजी से बढ़ी हैं। इसका कारण यही है कि लगातार खांसी आने से वोकल कार्ड पर असर पड़ता है। 

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