UP में उपभोक्ता परिषद ने की स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था खत्म करने की मांग, ऊर्जा मंत्री ने बुलाई अधिकारियों की बैठक
उपभोक्ता परिषद ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था को समाप्त करने की मांग की है, चेतावनी दी है कि सरकार को इसमें हस्तक्षेप करना होगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर

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राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ। स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था का विरोध करते हुए उपभोक्ता परिषद ने आगाह किया है कि सरकार को यह व्यवस्था खत्म करनी होगी। परिषद ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
वहीं, ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने 13 अप्रैल यानी आज मऊ से वीडियो कांन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के अधिकारियों की अहम बैठक बुलाई। उपभोक्ता परिषद ने विद्युत उपभोक्ताओं से संयम रखने की अपील की है।
कहा कि पावर कॉरपोरेशन कितना भी जोर लगा ले उसे प्रीपेड नमक अनिवार्य रूपी व्यवस्था को समाप्त करना ही पड़ेगा। 70 लाख उपभोक्ताओं को पोस्टपेड में कन्वर्ट करना पड़ेगा। आरोप है कि भारत सरकार की गाइडलाइन का उल्लंघन करते हुए बिजली कंपनियां नए कनेक्शन प्रीपेड मोड में ही अनिवार्य रूप से दे रही हैं।
प्रीपेड उपभोक्ताओं के कनेक्शन को पोस्टपेड में परिवर्तित नहीं किया जा रहा है। इससे प्रदेश के तीन करोड़ 86 लाख विद्युत उपभोक्ताओं में आक्रोश है।
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष एवं सेंट्रल एडवाइजरी कमेटी के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि पावर कॉरपोरेशन और बिजली कंपनियां उपभोक्ताओं का उत्पीड़न कर रही हैं। आदेश बदलना ही पड़ेगा।
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