मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना: यूपी में अब तक 28438 जोड़ों के थामा एक-दूजे का हाथ, 11540 आवेदन कैंसिल
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत इस वित्तीय वर्ष में अब तक 28,438 जोड़ों का विवाह कराया जा चुका है। ...और पढ़ें
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सीएम योगी आदित्यनाथ।
HighLights
28,438 जोड़ों का विवाह इस वित्तीय वर्ष में संपन्न।
11,540 आवेदन अपात्र पाए जाने पर निरस्त किए गए।
हरदोई और सीतापुर में सर्वाधिक जोड़ों का विवाह हुआ।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत इस वित्तीय वर्ष में अब तक 28,438 जोड़ों का विवाह कराया जा चुका है। वहीं, योजना का लाभ लेने के लिए मिले आवेदनों में 11,540 आवेदन अपात्र पाए गए हैं। हरदोई 1385 जोड़ों के विवाह के साथ पहले स्थान पर है, जबकि सीतापुर में 1335 जोड़ों का विवाह कराया गया है।
समाज कल्याण विभाग ने इस वित्तीय वर्ष में कुल 72,540 जोड़ों का विवाह कराने का लक्ष्य रखा है। समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक एवं योजना के संयोजक आरपी सिंह ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में विवाह के लिए अब तक 1,15,658 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
इनमें से 34,654 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं, जबकि 11,540 आवेदन पात्रता की शर्तें पूरी न करने के कारण निरस्त कर दिए गए हैं। योजना के तहत प्रत्येक जोड़े के विवाह पर एक लाख रुपये की सहायता दी जाती है।
कन्या के बैंक खाते में जाते हैं पैसे
इसमें 64 हजार रुपये कन्या के बैंक खाते में गृहस्थी बसाने के लिए भेजे जाते हैं। इसके अलावा 21 हजार रुपये वैवाहिक उपहार सामग्री पर और 15 हजार रुपये विवाह समारोह की आवश्यक व्यवस्थाओं पर खर्च किए जाते हैं।
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आवेदकों की पात्रता सुनिश्चित करने के लिए ई-केवाईसी की व्यवस्था है। आय और जाति प्रमाणपत्रों का डिजिटल सत्यापन ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से किया जाता है। सहायता राशि पात्र लाभार्थियों के आधार से जुड़े बैंक खातों में सीधे भेजी जाती है। योजना का संचालन समाज कल्याण विभाग करता है।
