लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशियों की सूची तैयार करने में लगे उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तीन दिन बाद खाली हुए हैं। काम से खाली होते ही उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी तथा राष्ट्रीय लोकदल की संयुक्त सूची को लेकर बड़ा हमला बोला है।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने तो साफ कह दिया है कि सपा मुखिया का दंगाराज कायम करने का मंसूबा पूरा नहीं होगा। समाजवादी पार्टी तो हिस्ट्रीशीटर, भगोड़ों तथा दंगाइयों को टिकट देकर गुंडाराज की वापसी करना चाहती है। इनके मंसूबे सफल नहीं होंगे।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सपा-रालोद गठबंधन के प्रत्याशियों की पहली सूची के माध्यम से अखिलेश यादव ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वह अपराधियों, गुंडों और दंगाइयों का साथ छोडऩे को तैयार नहीं हैं। उनकी सूची में खूंखार अपराधियों के नाम हैं। इससे पता चलता है कि सपा का सरकार बनाने का मतलब है प्रदेश में फिर से दंगाराज, गुंडाराज और अपराधीराज का आना।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश ही नहीं, प्रदेशभर की जनता जानना चाहती है कि बुलंदशहर में हिस्ट्रीशीटर हाजी यूनुस जैसे अपराधी, शामली से हिस्ट्रीशीटर भगोड़े नाहिद हसन, मेरठ से हिस्ट्रीशीटर रफीक अंसारी, लोनी से हिस्ट्रीशीटर मदन भैया जैसे अपराधी को टिकट क्यों दिया गया, जिनका खौफ अन्य प्रदेशों में भी व्याप्त है। सपा ने इस सूची के जरिये ट्रेलर दिखाया है कि वह प्रदेश में गुंडाराज और दंगाराज की वापसी कराने का मंसूबा पाले हुए हैं, जो पूरा नहीं होगा।

मौर्य ने कहा सपा-रालोद गठबंधन प्रत्याशियों की इस सूची में कैराना से पलायन का कारण बने आरोपितों, दंगाइयों, गुंडों और हिस्ट्रीशीटरों को टिकट दिया गया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव बताएं कि अपने गठबंधन से वह प्रदेश की जनता को क्या संदेश देना चाहते हैं। क्या वह प्रदेश में फिर से मुजफ्फरनगर जैसा दंगा और कैराना जैसे पलायन की स्थिति पैदा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा, सपा-रालोद गठबंधन के चरित्र के खिलाफ अभियान चलाएगी और जनता के बीच संदेश भी देगी। खुद जनता जनार्दन भी सपाई कुशासन की वापसी नहीं चाहती है। उन्होंने कहा कि जनता भाजपा को &00 से अधिक सीटों का आशीर्वाद देने का मन बना चुकी है। 

Edited By: Dharmendra Pandey