लखनऊ, जेएनएन। समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में शुक्रवार को स्वामी प्रसाद मौर्य व धर्म सिंह सैनी के अलावा छह विधायकों के समाजवादी पार्टी में शामिल होने के दौरान कोरोना प्रोटोकाल का जमकर उल्लंघन किया गया। अखिलेश यादव तथा स्वामी प्रसाद मौर्य के इस कार्यक्रम का जिला निर्वाचन अधिकारी ने जांच कराने के साथ ही चुनाव आयोग के निर्देश पर महामारी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया है।

जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश के साथ पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर गौतमपल्ली थाना पहुंचे और यहां पर 2500 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। अब वीडियोग्राफी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। कमिश्नर ने कहा कि इस मामले की विवेचना होगी। यहां पर किसी कार्यक्रम की अनुमति नहीं थी। चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया गया है। इसी कारण कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

चुनाव आयोग के निर्देश पर सपा कार्यालय में कार्यक्रम में भीड़ को देखते हुए महामारी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इसके साथ ही लखनऊ के गौतम पल्ली थाना में धारा 144 के उल्लंघन का भी केस दर्ज किया गया है।  लखनऊ में समाजवादी पार्टी के कार्यालय में कोरोना प्रोटोकाल को ताक पर रखकर छोटी रैली आयोजित की गई। इस दौरान मंच पर अखिलेश यादव तथा स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ ही अन्य काफी लोग बिना मास्क के थे। इतना ही नहीं सपा कार्यालय में बड़ी तादाद में लोग बिना मास्क लगाए टहल रहे थे। उत्साह में नियम को ताक पर रखने के मामले में जिला निर्वाचन अधिकारी अभिषेक प्रकाश ने गंभीरता से लिया है। अब समाजवादी पार्टी पर एक्शन होना तय है।

समाजवादी पार्टी ने इस कार्यक्रम को वर्चुअल रैली का नाम दिया था, लेकिन मंच के सामने ही सैकड़ों लोग कोरोना नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। चुनाव आयोग ने इस तरह के कार्यक्रमों पर 15 तारीख तक रोक लगाई हुआ है। लखनऊ जिला प्रशासन इस कार्यक्रम के बाद समाजवादी पार्टी पर एक्शन लेने का प्लान कर रहा है। लखनऊ के डीएम अभिषेक प्रकाश ने कहा कि समाजवादी पार्टी की रैली बिना परमिशन के हुई। प्रशासन ने पुलिस टीम को समाजवादी पार्टी के कार्यालय भेजा है। इस मामले में जरूरी एक्शन लिया जाएगा। 

वर्चुअल रैली के नाम पर हजारों कार्यकर्ताओं की भीड़ उमड़ी

चुनाव आयोग के सख्त निर्देशों के बावजूद शुक्रवार को सपा प्रदेश कार्यालय में समाजवादी पार्टी ने वर्चुअल रैली के नाम पर भीड़ जुटाकर अपनी ताकत दिखाई। भाजपा से विद्रोह कर सपा में शामिल हुए पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और उनके साथी विधायकों के साथ अखिलेश यादव ने भी रैली में शिरकत कर प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया। नियमों को दरकिनार कर जुटाई गई इस भीड़ पर आयोग ने सख्त नाराजगी जताई है। जिला निर्वाचन अधिकारी और जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने घटना की रिपोर्ट मांगी है और आयोजकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

2500 अज्ञात सपा कार्यकर्ताओं पर एफआइआर, इंस्पेक्टर गौतमपल्ली निलंबित:: विक्रमादित्य मार्ग स्थित समाजवादी पार्टी के कार्यालय में शुक्रवार को वर्चुअल रैली का आयोजन किया गया। इस दौरान वहां बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में कोरोना गाइडलाइंस का जमकर उल्लंघन हुआ। पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना रहा। काफी देर बाद गौतमपल्ली पुलिस वहां पहुंची तो कार्यालय में हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं की भीड़ नजर आई। यही नहीं सड़कों पर बेतरतीब ढंग से गाड़ियां भी खड़ी मिलीं। कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं करने पर गौतमपल्ली थाने में तैनात दाराेगा अजय कुमार सिंह ने 2000 से 2500 अज्ञात सपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई। उधर, चुनाव आयोग ने मामले का संज्ञान लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया और शुक्रवार देर रात लापरवाही बरतने पर इंस्पेक्टर गौतमपल्ली दिनेश कुमार बिष्ट को निलंबित कर दिया।

चुनाव आयोग ने जिलाधिकारी की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की है। इसके अलावा आयोग ने सहायक पुलिस आयुक्त अखिलेश कुमार सिंह एवं रिटर्निंग आफिसर मध्य विधान सभा क्षेत्र अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम गोविंद मौर्य से शनिवार सुबह 11 बजे तक स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। चौकी प्रभारी बंदरियाबाग अजय कुमार सिंह की ओर से दर्ज कराई गई एफआइआर के मुताबिक शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे दारोगा विक्रमादित्य मार्ग पहुंचे तो वहां सपा कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं की भीड़ नजर आई। सभी कार्यकर्ता अपने-अपने वाहन से आए थे और विक्रमादित्य मार्ग पर गाड़ियां खड़ी कर वहां का रास्ता बंद कर दिया था।

आचार संहिता लागू है और इसके लिए प्रचार प्रसार भी किया जा रहा है। आरोप है कि सबकुछ जानने के बावजूद समाजवादी पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने अवैधानिक रुप से भीड़ जुटाई। चुनाव आयोग ने किसी भी प्रकार की रैली, जुलूस और मीटिंग पर रोक लगा रखी है। इसके बावजूद आरोपितों ने कोविड गाइडलाइन और महामारी अधिनियम का खुलेआम उल्लंघन किया। पुलिस की ओर से लाउडस्पीकर से भीड़ खत्म करने की अपील की गई, लेकिन उनपर कोई असर नहीं पड़ा। जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने मामले का संज्ञान लेकर जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर के मुताबिक गौतमपल्ली थाने में 54 आपदा प्रबंधन अधिनियम व धारा तीन महामारी अधिनियम के तहत एफआइआर दर्ज की गई है।

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Edited By: Dharmendra Pandey