यूपी में तीन नए विश्वविद्यालयों के निर्माण में देरी पर मुख्य सचिव सख्त, इस दिन तक काम पूरा करने का दिया अल्टीमेटम
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने उत्तर प्रदेश के तीन निर्माणाधीन विश्वविद्यालयों के काम में धीमी प्रगति पर सख्त रुख अपनाया ...और पढ़ें

निर्माणाधीन विश्वविद्यालयों की सुस्ती पर सख्ती

समय कम है?
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राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ। प्रदेश के तीन निर्माणाधीन विश्वविद्यालयों में धीमी प्रगति पर मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सख्त रुख अपनाते हुए 31 मई तक हर हाल में काम पूरा करने का अल्टीमेटम दिया है। साथ ही लापरवाही पर संबंधित मुख्य अभियंता के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि और कार्यदायी संस्था पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
गुरुवार को प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप (पीएमजी ) की बैठक में मुख्य सचिव ने प्रदेश में चल रही विश्वविद्यालय निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की धीमी रफ्तार पर गहरी नाराजगी जताई।
समीक्षा में सामने आया कि मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय, मीरजापुर का निर्माण कार्य 11 फरवरी 2026 तक पूरा होना था, लेकिन अब तक केवल 76 प्रतिशत ही काम हुआ है। इसी तरह गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद का लक्ष्य 23 फरवरी 2026 था, जहां प्रगति 78.53 प्रतिशत है।
वहीं मां पाटेश्वरी देवी राज्य विश्वविद्यालय, बलरामपुर का निर्माण 6 दिसंबर 2025 तक पूरा होना था, लेकिन वर्तमान में 81.50 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो सका है।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट कहा कि अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तय समय सीमा में परियोजनाएं पूरी कराना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
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