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यूपी कैबिनेट का फैसला, प्रदेश के 14,429 प्राथमिक स्कूल बनेंगे 'स्मार्ट', 300 करोड़ होंगे खर्च

Published: Wed, 16 Sep 2026 04:11 AM (IST)

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 14,429 परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।

यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।

HighLights

  1. 14,429 प्राथमिक विद्यालय स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित होंगे।

  2. कैबिनेट ने 300 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी।

  3. बच्चों को आधुनिक डिजिटल सुविधाएं मिलेंगी, पढ़ाई होगी प्रभावी।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश के 14,429 परिषदीय प्राथमिक विद्यालय स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित किए जाएंगे। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी गई। योजना पर 300 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि एक विद्यालय में स्मार्ट क्लास तैयार करने पर 2,07,910 रुपये खर्च होंगे। स्मार्ट क्लास में बच्चों को पढ़ाई के लिए आधुनिक डिजिटल सुविधाएं मिलेंगी।

इसमें इंटरैक्टिव फ्लैट पैनल, पावर बैकअप, इलेक्ट्रिकल व सुरक्षा उपकरण, आडियो-विजुअल सामग्री, लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम, डिजिटल एजुकेशन कंटेंट, सुरक्षा साफ्टवेयर, वाई-फाई कनेक्टिविटी और हेल्प डेस्क की व्यवस्था होगी। इसके तहत अधिक नामांकन वाले विद्यालयों में चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब स्थापित करने की योजना है।

स्मार्ट क्लास शुरू होने से परिषदीय स्कूलों में पारंपरिक पढ़ाई के साथ डिजिटल माध्यम का इस्तेमाल बढ़ेगा। शिक्षक वीडियो, चित्र और अन्य डिजिटल सामग्री के जरिये कठिन विषयों को बच्चों को आसानी से समझा सकेंगे। इससे पढ़ाई अधिक रुचिकर और प्रभावी होने की उम्मीद है।

वर्तमान में 32 हजार से अधिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, 15 हजार से अधिक विद्यालयों में आईसीटी लैब और 1129 विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा है। साथ ही, 2.61 लाख शिक्षकों को टैबलेट दिए जा चुके हैं।

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