यूपी में नवंबर तक खर्च करना होगा बजट का 60 प्रतिशत पैसा, सीएम योगी ने अधिकारियों को दिए निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट की स्वीकृतियां नवंबर तक 70% और खर्च 60% तक बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

नवंबर तक बजट का 60 प्रतिशत धनराशि करें खर्च: सीएम योगी।
HighLights
नवंबर तक 70% वित्तीय स्वीकृतियां, 60% बजट खर्च का लक्ष्य।
प्रत्येक पात्र किसान को किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ने के निर्देश।
जीआई टैग प्राप्त उत्पादों की ब्रांडिंग और प्रचार पर जोर।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट से जुड़ी वित्तीय स्वीकृतियां तेजी से जारी करने और बजट खर्च की गति बढ़ाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है। नवंबर तक 70 प्रतिशत वित्तीय स्वीकृतियां जारी करते हुए कुल बजट का न्यूनतम 60 प्रतिशत खर्च सुनिश्चित करने के लिए कहा है।
इसके साथ ही गांवों में प्रत्येक किसान की मैपिंग कर किसान क्रेडिट कार्ड के पात्र किसानों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ऋण की उपलब्धता बढ़ाने और बैंकिंग व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए ‘रूरल क्रेडिट कान्क्लेव’ आयोजित करने की योजना बनाने के लिए कहा है।
रविवार को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की उपस्थिति में बजट स्वीकृतियां और व्यय की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट का उद्देश्य केवल धनराशि आवंटित करना नहीं है, बल्कि इसका समय पर उपयोग कर जनता तक लाभ पहुंचाना है।
वित्त मंत्री से कहा कि विभागीय मंत्रियों के साथ बैठक कर बजट खर्च की नियमित समीक्षा करें। जिन विभागों में स्वीकृतियां जारी करने या व्यय में अड़चनें आ रही हैं, उनका समाधान कराएं। वित्त विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि बजट स्वीकृतियां और खर्च की रिपोर्ट नियमित रूप से मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराएं।
मुख्यमंत्री ने यह कहा कि प्रत्येक पात्र किसान को किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ मिलना चाहिए। इसके लिए प्रत्येक गांव में किसानों की मैपिंग कराई जाए, ताकि पात्र किसानों को चिन्हित कर उन्हें बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ा जा सके।
स्थानीय उत्पादों और शिल्प को बाजार उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने एमएसएमई विभाग को प्रदेश के जीआई टैग प्राप्त उत्पादों की ब्रांडिंग और व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित की योजनाओं और विकास परियोजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। कार्यों में अनावश्यक देरी या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने विभागाध्यक्षों और वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे फील्ड में जाकर विकास कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा करें और जहां कार्यों की गति धीमी है, वहां तत्काल सुधार कराएं।
विकास से जुड़ी योजनाओं के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी, लेकिन उपलब्ध बजट का प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।
अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 का कुल बजट 9,99,056.48 करोड़ रुपये है, जिसमें विकास योजनाओं के लिए 5,01,957.09 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है।
अब तक 5,15,918.44 करोड़ रुपये (51.6 प्रतिशत) की वित्तीय स्वीकृतियां जारी की जा चुकी हैं। योजनाओं से संबंधित 2.13 लाख करोड़ से अधिक की स्वीकृतियां शामिल हैं। प्रदेश में अब तक 2,83,870.11 करोड़ का वास्तविक व्यय दर्ज है।
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