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दिल्ली में नितिन नवीन से फिर मिले पंकज चौधरी, जल्द हो सकती है यूपी टीम की घोषणा

Published: Wed, 27 May 2026 10:44 PM (IST)

भाजपा की उत्तर प्रदेश टीम के गठन को लेकर दिल्ली में राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ कई बैठकें हुईं। छह माह ...और पढ़ें

दिल्ली में नितिन नवीन से फिर मिले पंकज चौधरी।

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राज्य ब्यूरो, लखनऊ। चुनावी पथ पर भाजपा बेशक तेजी से बढ़ रही है, लेकिन संगठन बनाने की राह पर पार्टी कदम थामकर चली। छह माह की प्रतीक्षा के बाद माना जा रहा है कि दिल्ली में बुधवार को यूपी की टीम बना ली गई है। घोषणा इसी माह की जा सकती है।

राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष, राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े, उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी एवं प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने दो सत्र की बैठक करने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात कर टीम को अंतिम रूप दिया। माना जा रहा है कि मई माह के अंदर प्रदेश पदाधिकारी, राष्ट्रीय पदाधिकारी एवं क्षेत्रीय अध्यक्ष घोषित किए जा सकते हैं।

20 मई को दिल्ली में पंकज चौधरी एवं धर्मपाल सिंह ने राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ बैठक की थी। नामों को लेकर उलझनें इतनी ज्यादा रहीं कि एक-एक नाम के समीकरण एवं उसके चुनावी असर को परखा गया। जनप्रतिनिधियों एवं पुराने चेहरों की सिफारिशों का भारी दबाव रहा।

आखिरकार राष्ट्रीय नेतृत्व को यूपी की इकाई के साथ 27 मई को दिल्ली में फिर बैठना पड़ा। यूपी की इकाई के आकार को बदलने को लेकर चर्चा की गई है। एक महामंत्री कम किया जाएगा, जबकि उपाध्यक्षों एवं मंत्रियों की संख्या में भी बदलाव करने की चर्चा है। पश्चिम क्षेत्र में एक महामंत्री दिया जाएगा, जबकि यहां से उपाध्यक्षों की संख्या घटाई जाएगी।

पूर्वांचल को साधने के लिए गोरखपुर एवं काशी क्षेत्र को संगठन को विशेष वरीयता दी जा सकती है। ब्रज क्षेत्र से योगी सरकार में सबसे ज्यादा मंत्री हैं, ऐसे में संगठन में तुलनात्मक रूप से ज्यादा स्थान कानपुर क्षेत्र को मिल सकता है। केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी को दिसंबर में प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था।

मार्च में 761 नगरीय निकायों में 2805 सभासदों को मनोनीत किया गया। मार्च और अप्रैल में जिलों की टीमें बनाई गईं, लेकिन दिल्ली और लखनऊ में कई दौर की वार्ता के बाद प्रदेश इकाई नहीं बनाई जा सकी और न ही छह क्षेत्रीय अध्यक्षों के नाम पर सहमति बन सकी।

दो माह पहले विनोद तावड़े ने लखनऊ में दो दिन रुककर संगठन और सरकार का फीडबैक लिया था। लेकिन यूपी की टीम नहीं बनाई जा सकी। इस बीच भाजपा कई अभियानों में व्यस्त हो गई। मई में संगठन को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हुई।

45 सदस्यीय टीम में से आधे से ज्यादा चेहरों को बदलने एवं एक तिहाई पदों पर महिलाओं का समायोजन करने की बात कही गई। बोर्ड, निगम, आयोग के साथ ही राष्ट्रीय एवं प्रदेश की टीम और छह क्षेत्रीय अध्यक्षों की घोषणा एक साथ की जा सकती है।

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