भाजपा कोर कमेटी तय करेगी राज्यसभा-विधान परिषद उम्मीदवारों का नाम, लखनऊ की बैठक में होगी चर्चा
लखनऊ में 25 सितंबर को भाजपा कोर कमेटी की बैठक होगी, जिसमें राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों के प्रत्याशियों के ...और पढ़ें
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HighLights
लखनऊ में 25 सितंबर को भाजपा कोर कमेटी की बैठक।
राज्यसभा, विधान परिषद प्रत्याशियों के नाम होंगे तय।
निगम, बोर्ड, आयोग के खाली पदों पर भी लगेगी मुहर।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। राज्यसभा की दस और विधान परिषद की 11 सीटों पर चुनाव को 2027 का सेमीफाइनल माना जा रहा है। भाजपा और सपा ने इसे प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया है, जबकि कांग्रेस ने भी ताल ठोका है। चर्चा है कि लखनऊ में 25 सितंबर को भाजपा कोर कमेटी की बैठक में राज्यसभा एवं विधान परिषद के प्रत्याशियों के नाम तय कर लिए जाएंगे। इससे पहले दिल्ली में दो बार दावेदारों के नामों पर मंथन हो चुका है।
राज्यसभा की सीटों के लिए मतदान 16 अक्टूबर और विधान परिषद की 11 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को होगा। चुनाव की अधिसूचना 29 सितंबर को जारी की जाएगी, जिसके पहले प्रत्याशियों का नाम तय करने पर फोकस होगा। विधायकों के संख्याबल के आधार पर भाजपा के आठ प्रत्याशी आसानी से राज्यसभा पहुंच जाएंगे। इसी प्रकार 2020 में विधान परिषद के चुनावों में 11 में से छह पर भाजपा जीती थी, जहां भाजपा क्लीन स्वीप करना चाहेगी।
लखनऊ में आयोजित होने वाली कोर कमेटी की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं ब्रजेश पाठक, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी एवं प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह बैठेंगे। माना जा रहा है कि इसी दिन विनोद तावड़े अपने सभी चारों सह-प्रभारियों के साथ बैठक में शामिल हो सकते हैं। दोनों चुनावों के परिणामों का असर आगामी विधान सभा चुनाव में पड़ेगा।
जमीनी कार्यकर्ताओं को मिलेगी वरीयता
पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि स्नातक एवं शिक्षक खंड के एमएलसी चुनावों में पार्टी बुद्धिजीवियों का भरोसा जीतकर आगामी चुनाव के लिए मजबूत जमीन बना सकती है। राज्यसभा के लिए प्रत्याशियों के चयन में जातीय समीकरण के साथ ही पुराने एवं जमीनी कार्यकर्ताओं को वरीयता मिलेगी।
विधान परिषद के चुनाव में कई क्षेत्रों से शिक्षक संघ के पुराने नेताओं ने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है, ऐसे में वहां लंबे समय से तैयारी कर रहे चेहरों को अपना पत्ता कटने की चिंता सता रही है।
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वहीं, इस बैठक में निगम, बोर्ड एवं आयोग के सैकड़ों खाली पदों पर समायोजन के लिए चेहरों पर मुहर लगाई जानी है। विधान सभा चुनाव में चुनाव में ज्यादा वक्त नहीं है, ऐसे में पार्टी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को पद देकर उन्हें सम्मान दे सकती है।
