विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

विधानसभा चुनाव से पहले यूपी के किसानों को मिलेगा बड़ा तोहफा, सरकार ने तैयार किया तीन लाख करोड़ का महा प्लान

Published: Fri, 16 Oct 2026 05:30 AM (IST)

उत्तर प्रदेश में बैंक अब चालू वित्तीय वर्ष में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में 3.03 लाख करोड़ रुपये का ऋण ...और पढ़ें

News Article Hero Image

HighLights

  1. यूपी में कृषि ऋण लक्ष्य 3.03 लाख करोड़ रुपये हुआ।

  2. केंद्र ने 25 हजार करोड़ रुपये की वृद्धि की।

  3. लक्ष्य हासिल करना बैंकों के लिए चुनौतीपूर्ण होगा।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश में किसानों, पशुपालकों, मत्स्य पालकों और कृषि उद्यमियों के लिए बैंक ऋण की उपलब्धता बढ़ने जा रही है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रदेश के बैंक कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में अब 3.03 लाख करोड़ रुपये ऋण वितरित करेंगे। केंद्र सरकार ने पहले निर्धारित 2.78 लाख करोड़ रुपये के लक्ष्य में 25 हजार करोड़ रुपये की वृद्धि कर दी है। केंद्र सरकार के निर्देश के बाद प्रदेश में कार्यरत बैंकों को संशोधित लक्ष्य दे दिए गए हैं।

चालू वित्तीय वर्ष की शुरुआत में वार्षिक ऋण योजना के तहत कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, कृषि उद्यम और उद्यान सहित संबद्ध क्षेत्रों के लिए प्रदेश में 2.78 लाख करोड़ रुपये ऋण देने का लक्ष्य रखा गया था।

वित्तीय वर्ष के छह माह बीतने के बाद इस अक्टूबर में वित्त मंत्रालय ने इसे बढ़ाकर 3.03 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। अगले वर्ष प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में अधिक किसानों को कृषि और उससे जुड़े कार्यों के लिए ऋण उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार भी बैंकों पर दबाव बना सकेगी।

यह भी पढ़ें- 164.28 टन का वॉयलर लादकर सिद्धार्थनगर पहुंचा 250 पहियों वाला महाट्रक, बेल्जियम से लेकर आया 41 मीटर लंबा संयंत्र

पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस क्षेत्र के लिए 2.44 लाख करोड़ रुपये ऋण वितरण का लक्ष्य था, जबकि बैंकों ने 2.02 लाख करोड़ रुपये वितरित किए। पिछले वर्ष के वास्तविक वितरण की तुलना में इस वर्ष का लक्ष्य 50 प्रतिशत अधिक है। इसे हासिल करना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि प्रदेश में कृषि क्षेत्र के ऋण वितरण में सालाना औसतन नौ प्रतिशत की ही वृद्धि हो रही है।