विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यूपी की 20036 बैंक ब्रांचों में हड़ताल, प्रदेश में 30000 करोड़ का लेन-देन हुआ प्रभावित

Published: Fri, 11 Sep 2026 07:53 PM (IST)

प्रदेश में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था और भेदभाव रहित पीएलआई योजना लागू करने की मांग को लेकर 20,036 बैंक शाखाओं में हड़ताल हुई।

प्रतीकात्मक फोटो।

प्रतीकात्मक फोटो।

HighLights

  1. पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था और पीएलआई योजना लागू करने की मांग।

  2. यूपी की 20,036 बैंक शाखाओं में हड़ताल, 30,000 करोड़ प्रभावित।

  3. मांगें न मानने पर सितंबर-अक्टूबर में अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी।

जागरण संवाददाता, लखनऊ। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था और भेदभाव रहित परफार्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआइ) योजना लागू करने की मांगों को लेकर शुक्रवार को प्रदेश की 20,036 बैंक शाखाओं में हड़ताल किया गया। पूरे दिन बैंकों में ताला लगा रहा। बैंक पदाधिकारियों के अनुसार राज्य में लगभग तीस हजार करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ। बड़ी संख्या में बैंक ग्राहकों को परेशानी हुई।

हजरतगंज की मुख्य शाखा में चेक लगाने पहुंचे लालबाग के ग्राहक शिवेंद्र प्रताप ने बताया कि बैंक में ताला लगा होने के कारण लौटना पड़ा। शक्तिनगर की बैंक आफ बड़ौदा शाखा में नकदी जमा करने गईं प्रीति शर्मा को भी निराश लौटना पड़ा। ऐसा केवल लखनऊ में नहीं हुआ, प्रदेश के सभी जिलों में बैंक ग्राहक पूरे दिन परेशान रहे।

यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर आयोजित इस राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल के समर्थन में कर्मचारियों ने सरकार और बैंक प्रबंधन के खिलाफ आवाज बुलंद की। हजरतगंज स्थित इंडियन बैंक परिसर में सभा कर अपनी मांगों को नारेबाजी की। विभिन्न संगठनों के नेता वाईके अरोड़ा, दिनेश कुमार सिंह, एस.के. संगतानी ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में कर्मचारियों को बेहतर कार्य परिस्थितियां और समान सुविधाएं मिलनी चाहिए।

यह भी पढ़ें- वीर अब्दुल हमीद के गांव को सरकार ने दिया तोहफा, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने किया बड़ा एलान

प्रदर्शनकारियों ने पांच दिन का बैंकिंग सप्ताह लागू करने की मांग को प्रमुखता से उठाया। यूनियन नेताओं ने कहा कि बैंक कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन अवकाश मिलने से कार्य-जीवन संतुलन बेहतर होगा और कर्मचारियों की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी। सचिन केशरवानी ने कहा कि सभी पात्र बैंक कर्मचारियों को समान अवसर और पारदर्शी व्यवस्था के तहत इसका लाभ मिलना चाहिए।

यह भी पढ़ें- 100-200 नहीं; 4500 साल पुरानी हैं मांडी में मिलीं 3000 स्वर्ण मुद्राएं, गंगा घाटी सभ्यता के मिले ऐतिहासिक प्रमाण

अशोक अग्रवाल ने कहा कि कर्मचारियों की लंबित मांगों पर सरकार और बैंक प्रबंधन को सकारात्मक रुख अपनाते हुए जल्द निर्णय लेना चाहिए। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो 28, 29 व 30 सितंबर व अक्टूबर में अनिश्चितकालीन देशव्यापी बैंक हड़ताल की जाएगी।