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यूपी में आयुष नीति-2026 लागू करने की तैयारी कर रही योगी सरकार, 75 जिलों में PPP मॉडल पर खुलेंगे आयुष अस्पताल

Published: Sat, 17 Oct 2026 05:30 AM (IST)Updated: Sat, 17 Oct 2026 05:45 AM (IST)

योगी सरकार आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी को उद्योग के रूप में विकसित करने के लिए नई आयुष नीति-2026 ला रही ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

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HighLights

  1. निवेशकों को पूंजीगत सब्सिडी, स्टांप ड्यूटी में छूट देगी आयुष नीति।

  2. सभी 75 जिलों में पीपीपी मॉडल पर आयुष अस्पताल खुलेंगे।

  3. पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के विस्तार और अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी (आयुष) चिकित्सा पद्धतियों को उद्योग के रूप में विकसित करने के लिए योगी सरकार नई नीति ला रही है। आयुष नीति-2026 में निवेशकों को पूंजीगत सब्सिडी और जमीन खरीदने पर स्टांप ड्यूटी में छूट देने का प्रस्ताव है।

इसके साथ ही प्रदेश के सभी 75 जिलों में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) माडल पर आयुष अस्पताल और वेलनेस सेंटर खोलने की योजना है। नीति का मसौदा तैयार हो चुका है और नवंबर में इसे मंजूरी के लिए कैबिनेट के सामने रखा जा सकता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तैयार की गई नीति में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए नई परियोजनाओं को विशेष रियायतें देने का भी प्रस्ताव है। इसके तहत आयुष औषधियों की जांच की व्यवस्था बेहतर बनाने, अनुसंधान को बढ़ावा देने और पंचकर्म व प्राकृतिक चिकित्सा जैसी पारंपरिक पद्धतियों के विस्तार पर जोर दिया जाएगा।

स्वास्थ्य सुविधाओं का होगा विस्तार

प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री ने आयुष कारोबार बढ़ाने और निवेश आकर्षित करने के निर्देश दिए हैं। इसी के तहत नई नीति तैयार हो रही है। इसमें पीपीपी माडल पर अस्पताल निर्माण और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

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आयुष चिकित्सा पद्धतियों से जुड़े पाठ्यक्रमों और प्रशिक्षण की सुविधाएं बढ़ाने की भी योजना है, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सरकार का लक्ष्य आयुष सेवाओं और अनुसंधान को मजबूत करने के साथ इन पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को देश-दुनिया में पहचान दिलाना है।