लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश में धमाकों की गहरी साजिश की तह तक पहुंचने के लिए आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) की एक टीम दिल्ली जाकर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस (आइएसआइ) समर्थित माड्यूल के आतंकियों से पूछताछ करेगी। वहीं दिल्ली पुलिस द्वारा शुरुआती पूछताछ के बाद छोड़े गए तीन संदिग्धों की भूमिका की भी और गहनता से जांच की जाएगी। आतंकियों के स्थानीय कनेक्शन खंगालने के लिए लखनऊ, प्रयागराज, रायबरेली, प्रतापगढ़ व अन्य शहरों में छानबीन की जा रही है। एटीएस संदेह के घेरे में आए कुछ अन्य युवकों के बारे में भी पड़ताल कर रही है।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल आइएसआइ समर्थित माड्यूल के छह आतंकियों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। इधर, यूपी एटीएस ने मंगलवार को तीन आतंकियों के साथ तीन अन्य संदिग्ध युवकों को पकड़कर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के हवाले किया था। एटीएस के अधिकारियों के प्रदेश से कुल छह आरोपितों के पकड़े जाने की बात कहे जाने को लेकर कुछ सवाल भी उठ रहे हैं।

एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार का कहना है कि मंगलवार को पकड़े गए जिन तीन युवकों को पूछताछ के बाद छोड़ा गया है, उनकी भूमिका की अभी जांच चल रही है। जल्द एटीएस की एक टीम दिल्ली जाकर पकड़े गए छह आतंकियों से पूछताछ करेगी। लखनऊ निवासी मु.आमिर जावेद, रायबरेली निवासी मूलचंद्र उर्फ लाला, प्रयागराज निवासी जीशान कमर व बहराइच निवासी अबु बकर से उनके स्थानीय कनेक्शन के अलावा अन्य साथियों के बारे में जानकारी हासिल करने का प्रयास किया जाएगा। एटीएस इस माड्यूल को लेकर प्रदेश के कई शहरों में गहनता से छानबीन कर रही है। इसके लिए कई टीमों को सक्रिय किया गया है।

इंटरनेट मीडिया से जुड़े तार : एटीएस अधिकारियों का कहना है कि पकड़े गए आरोपित इंटरनेट मीडिया के जरिए कट्टरपंथियों के संपर्क में आए थे, जिसके बाद वे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ समर्थित माड्यूल से जुड़ गए। एटीएस अब इंटरनेट मीडिया पर रही इनकी गतिविधियों की भी सिलसिलेवार छानबीन कर रही है। बीते कुछ माह में इनके अधिक संपर्क में रहे युवकों के बारे में भी छानबीन तेज की गई है। 

Edited By: Umesh Tiwari