यूपी के हर जिले में खुल सकेंगे तीन ऑटोमेटेड व्हीकल फिटनेस सेंटर, ढाई एकड़ की जगह अब 1 एकड़ से कम जमीन में भी खुलेगा ATS
उत्तर प्रदेश में व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच के लिए नई एटीएस नीति-2026 को मंजूरी मिली है। अब हर जिले में तीन स्वचालित परीक्षण स्टेशन खुल सकेंगे।

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HighLights
हर जिले में अधिकतम तीन स्वचालित परीक्षण स्टेशन खुल सकेंगे।
एटीएस के लिए जमीन की बाध्यता अब एक एकड़ से कम की गई।
नेटवर्थ की अनिवार्यता खत्म, निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश में वाहनों की व्यावसायिक वाहनों के फिटनेस जांच व्यवस्था को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए अब हर जिले में अधिकतम तीन स्वचालित परीक्षण स्टेशन (एटीएस) खोले जा सकेंगे। खास बात यह है कि एटीएस के लिए पहले जरूरी ढाई एकड़ जमीन की बाध्यता खत्म कर दी गई है। अब एक एकड़ से कम जमीन में भी केंद्र स्थापित किया जा सकेगा।
पहले सेंटर खोलने के लिए छह करोड़ रुपये की नेटवर्थ की अनिवार्यता थी, अब इसे हटा दिया गया है। साथ ही सेंटरों को संचालित होने के लिए छह माह तक कार्रवाई में भी छूट दी गई है। मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में परिवहन विभाग की नई एटीएस राज्य नीति-2026 को स्वीकृति दे दी गई। वर्तमान में 27 जिलों में 40 एटीएस संचालित है। नई नीति से इसकी संख्या बढ़ेगी।
एटीएस के लिए आवेदन या स्लाट बुकिंग केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) के डिजिटल प्लेटफार्म एएफएमएस पोर्टल (आटोमेटेड फिटनेस मैनेजमेंट सिस्टम) का उपयोग किया जाता है। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के अनुसार इसका पोर्टल पहले यह कम समय के लिए खुला रहता था। अब एटीएस के लिए आवेदन करने का पोर्टल स्थायी रूप से खुला रहेगा।
बिना मानवीय हस्तक्षेप के होगी जांच
इससे अपने अनुसार कोई भी व्यक्ति आवेदन कर सकेगा। इससे निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा और वाहन फिटनेस जांच के लिए लोगों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी। नई नीति अधिसूचित होते ही प्रभावी हो जाएगी। इसे लागू करने से प्रदेश सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। एटीएस में वाहनों की फिटनेस जांच स्वचालित मशीनों से बिना मानवीय हस्तक्षेप के होगी।
सड़क पर केवल तकनीकी रूप से फिट वाहन चलने से दुर्घटनाओं में कमी लाने में भी मदद मिलेगी। केंद्र सरकार ने 23 सितंबर 2021, 31 अक्टूबर 2022, 14 मार्च 2024 और आठ मई 2024 को जारी अधिसूचनाओं के जरिये केंद्रीय मोटर यान नियमावली, 1989 में अध्याय-11 जोड़ा था। इसमें स्वचालित परीक्षण स्टेशनों के विनियमन और नियंत्रण की व्यवस्था है। इन्हीं नए केंद्रीय दिशा-निर्देशों को शामिल करते हुए 2023 की राज्य नीति को बदलकर नई नीति तैयार की गई है।
शोहरतगढ़, बढ़नी और सवायजपुर में बनेंगे नए बस स्टेशन
सिद्धार्थनगर के शोहरतगढ़ और बढ़नी और हरदोई की सवायजपुर तहसील में नए बस स्टेशन बनाने की तैयारी है। इसके लिए राजस्व विभाग की चिन्हित जमीन परिवहन विभाग को बिना किसी शुल्क के हस्तांतरित और नामांतरित की जाएगी।
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मंगलवार को कैबिनेट ने इससे संबंधित प्रस्ताव को स्वीकृति दी। इन तीनों स्थानों पर लंबे समय से बस स्टेशन बनाने की मांग की जा रही थी। बस स्टेशन बनने से आसपास के लोगों को बस पकड़ने और आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी। परिवहन सुविधा बढ़ने का सीधा लाभ स्थानीय कारोबार को भी मिलेगा।
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बस स्टेशन के आसपास दुकान, खानपान, परिवहन और अन्य गतिविधियां बढ़ने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
