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UP में 'एटीएस राज्य नीति-2026' को मंजूरी, अब 1 एकड़ से कम जमीन पर भी खुल सकेंगे स्वचालित केंद्र

Published: Wed, 16 Sep 2026 12:29 AM (IST)

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 'एटीएस राज्य नीति-2026' को मंजूरी दी है, जिससे अब हर जिले में अधिकतम तीन स्वचालित परीक्षण ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।

यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।

HighLights

  1. नई एटीएस नीति-2026 को उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने दी मंजूरी।

  2. स्वचालित परीक्षण केंद्र अब एक एकड़ से कम जमीन पर खुलेंगे।

  3. सिद्धार्थनगर, हरदोई में नए बस स्टेशन बनाने का प्रस्ताव स्वीकृत।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश में व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच व्यवस्था को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए अब हर जिले में अधिकतम तीन स्वचालित परीक्षण स्टेशन (एटीएस) खोले जा सकेंगे। खास बात यह है कि एटीएस के लिए ढाई एकड़ जमीन की बाध्यता खत्म कर दी गई है। अब एक एकड़ से कम जमीन में भी केंद्र स्थापित किया जा सकेगा।

पहले सेंटर खोलने के लिए छह करोड़ रुपये की नेटवर्थ की अनिवार्यता थी, अब इसे हटा दिया गया है। सेंटरों के संचालन में छह माह तक कार्रवाई से भी छूट दी गई है। मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में परिवहन विभाग की नई एटीएस राज्य नीति-2026 को स्वीकृति दे दी गई। वर्तमान में 27 जिलों में 40 एटीएस संचालित है।

नई नीति से इनकी संख्या बढ़ेगी। एटीएस के लिए आवेदन केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) के नियम के तहत नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम (एनएसडब्ल्यूएस) पर किया जाता है। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के अनुसार पहले यह पोर्टल कम समय के लिए खुलता था लेकिन अब यह स्थायी रूप से खुला रहेगा। इससे निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा और वाहन फिटनेस जांच के लिए लोगों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

नई नीति अधिसूचित होते ही प्रभावी हो जाएगी। इसे लागू करने से प्रदेश सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। एटीएस में वाहनों की फिटनेस जांच स्वचालित मशीनों से बिना मानवीय हस्तक्षेप के होगी। सड़क पर केवल तकनीकी रूप से फिट वाहन चलने से दुर्घटनाओं में कमी लाने में भी मदद मिलेगी।

केंद्र सरकार ने 23 सितंबर 2021, 31 अक्टूबर 2022, 14 मार्च 2024 और आठ मई 2024 को जारी अधिसूचनाओं के जरिये केंद्रीय मोटरयान नियमावली, 1989 में अध्याय-11 जोड़ा था। इसमें स्वचालित परीक्षण स्टेशनों के विनियमन और नियंत्रण की व्यवस्था है। इन्हीं नए केंद्रीय दिशा-निर्देशों को शामिल करते हुए 2023 की राज्य नीति को बदलकर नई नीति तैयार की गई है।

सिद्धार्थनगर के शोहरतगढ़ व बढ़नी और हरदोई की सवायजपुर तहसील में नए बस स्टेशन बनाने की तैयारी है। इसके लिए राजस्व विभाग की चिह्नित जमीन परिवहन विभाग को निश्शुल्क हस्तांतरित और नामांतरित की जाएगी। मंगलवार को कैबिनेट ने इससे संबंधित प्रस्ताव को स्वीकृति दी। इन तीनों स्थानों पर लंबे समय से बस स्टेशन बनाने की मांग की जा रही थी।

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