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यूपी में लिखित परीक्षा और इंटरव्यू से होगा ARP का चयन, हर विकास खंड में होंगे छह अकादमिक रिसोर्स पर्सन

Published: Mon, 15 Jun 2026 11:18 PM (IST)

यूपी में समग्र शिक्षा के तहत ब्लॉक संसाधन केंद्रों के पुनर्गठन के साथ अकादमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) का चयन लिखित ...और पढ़ें

लिखित परीक्षा और साक्षात्कार से होगा एआरपी का चयन। AI जेनरेटेड फोटो

लिखित परीक्षा और साक्षात्कार से होगा एआरपी का चयन। AI जेनरेटेड फोटो

HighLights

  1. एआरपी चयन लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर होगा।

  2. स्नातक और पांच वर्ष के अनुभव वाले शिक्षक पात्र होंगे।

  3. चयनित एआरपी को 4500 रुपये मासिक मोबिलिटी भत्ता मिलेगा।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। समग्र शिक्षा के तहत स्थापित ब्लाक संसाधन केंद्रों (बीआरसी) का पुनर्गठन कर नई व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके तहत प्रत्येक विकास खंड में छह अकादमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) तैनात किए जाएंगे। एआरपी का चयन जिला स्तर पर गठित समिति द्वारा किया जाएगा। चयन लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा।

लिखित परीक्षा के लिए 70 अंक और साक्षात्कार के लिए 30 अंक निर्धारित किए गए हैं। साक्षात्कार में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा में कम से कम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

एआरपी पद के लिए वही शिक्षक आवेदन कर सकेंगे, जिन्होंने स्नातक के साथ शिक्षक प्रशिक्षण की योग्यता प्राप्त की हो और परिषदीय विद्यालयों में कम से कम पांच वर्ष का शिक्षण अनुभव हो। साथ ही ऐसे शिक्षक, जिनकी सेवानिवृत्ति में कम से कम पांच वर्ष शेष हों, आवेदन के पात्र होंगे।

चयन प्रक्रिया की निगरानी के लिए मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी। समिति में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्राचार्य, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयक निपुण भारत मिशन तथा संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी सदस्य होंगे।

चयनित एआरपी का कार्यकाल एक वर्ष का रहेगा। जिला स्तरीय चयन समिति हर वर्ष उनके कार्यों का प्रदर्शन मूल्यांकन (परफार्मेंस अप्रेजल) करेगी। कार्य संतोषजनक पाए जाने पर कार्यकाल का नवीनीकरण किया जाएगा। लगातार तीन वर्ष तक एआरपी के रूप में कार्य करने के बाद संबंधित शिक्षक को दोबारा चयन प्रक्रिया में शामिल होकर आवेदन करना होगा।

एआरपी का वेतन उनके मूल विद्यालय से ही मिलता रहेगा। इसके अतिरिक्त उन्हें प्रतिमाह 4500 रुपये का मोबिलिटी भत्ता भी दिया जाएगा। इनके माध्यम से निपुण भारत मिशन और अन्य शैक्षिक कार्यक्रमों को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी।

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