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यूपी में अब विशेषज्ञता के आधार पर होगा एलाइड और हेल्थकेयर में रजिस्ट्रेशन, नया पोर्टल हो रहा तैयार

Published: Wed, 30 Sep 2026 07:55 PM (IST)

उत्तर प्रदेश में अब एलाइड और हेल्थकेयर पेशेवरों का पंजीकरण उनकी विशेषज्ञता के आधार पर होगा। राज्य सहबद्ध एवं स्वास्थ्य ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

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HighLights

  1. एलाइड और हेल्थकेयर पेशेवरों का पंजीकरण अब विशेषज्ञता के आधार पर।

  2. राज्य सहबद्ध एवं स्वास्थ्य देखरेख परिषद नया पोर्टल बना रही है।

  3. मरीजों को पेशेवर की योग्यता और विशेषज्ञता की पूरी जानकारी मिलेगी।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। अब एलाइड और हेल्थकेयर (पुराना नाम पैरा मेडिकल) में डिप्लोमा या डिग्री हासिल करने वालों के राज्य सहबद्ध एवं स्वास्थ्य देखरेख परिषद (एसएएचसी) में पंजीयन के समय विशेषज्ञता का विवरण दर्ज किया जाएगा। उन्हें विशेषज्ञता के क्षेत्र में ही सेवाएं देने की अनुमति होगी।

राष्ट्रीय सहबद्ध एवं स्वास्थ्य देखरेख परिषद (एनसीएएचपी) की ओर से पंजीयन व्यवस्था में किए गए इस बदलाव के बाद एसएएचसी पंजीयन के लिए नया आनलाइन पोर्टल तैयार कर रहा है।

अब तक पंजीयन में मुख्य रूप से डिग्री, डिप्लोमा या अन्य मान्य योग्यता का विवरण दर्ज किया जाता था। नई व्यवस्था में पंजीयन प्रमाणपत्र में प्राथमिक अहर्ता, अतिरिक्त अहर्ता और विशेषज्ञता का अलग-अलग विवरण दर्ज होगा। किसी प्रोफेशनल ने अतिरिक्त अहर्ता हासिल की है तो उसका विवरण भी केंद्रीय रजिस्टर में दर्ज कराना होगा। इसके बाद ही उसे संबंधित विशेषज्ञता या उच्च विशेषज्ञता के क्षेत्र में सेवाएं देने की अनुमति होगी।

पंजीयन का विवरण किया जाएगा अपडेट

इस व्यवस्था से मरीजों को संबंधित प्रोफेशनल की योग्यता और विशेषज्ञता की जानकारी भी मिल सकेगी। वे जान सकेंगे कि संबंधित व्यक्ति ने कौन सी डिग्री या डिप्लोमा हासिल किया है और किस क्षेत्र में विशेषज्ञता प्राप्त की है। योग्यता या विशेषज्ञता में बदलाव होने पर पंजीयन का विवरण अपडेट किया जाएगा।

राज्य सहबद्ध एवं स्वास्थ्य देखरेख परिषद के अध्यक्ष डा. कमल किशोर पंत के अनुसार, राष्ट्रीय परिषद ने एलाइड और हेल्थकेयर क्षेत्र में कई नए पाठ्यक्रम तैयार किए हैं। इनमें मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलाजी, मेडिकल रेडियोलाजी एंड इमेजिंग टेक्नोलाजी, फिजियोथेरेपी, आप्टोमेट्री, डायलिसिस थेरेपी, रेस्पिरेटरी टेक्नोलाजी और आक्यूपेशनल थेरेपी सहित अन्य पाठ्यक्रम शामिल हैं।

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दक्षता आधारित पाठ्यक्रम शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू किए जा रहे हैं। इनके साथ पंजीयन में विशेषज्ञता दर्ज करने की व्यवस्था भी लागू होगी। इससे प्रोफेशनल्स की शिक्षा, योग्यता, पंजीयन और उनके कार्यक्षेत्र की जानकारी एक ही जगह उपलब्ध हो सकेगी।