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यूपी के सभी जिलों में खुलेंगे AI सेंटर, प्रदेश के 500000 युवाओं को मिलेगी ट्रेनिंग; एआइ मिशन को कैबिनेट से मिली मंजूरी

By Jagran NewsEdited By: Shiv Govind Mishraa
Published: Sat, 10 Oct 2026 05:35 AM (GMT+05:30)

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने राज्य के सभी जिलों में एआई केंद्र खोलने के लिए यूपी-एआई मिशन को मंजूरी दी है। ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. सभी जिलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केंद्र खुलेंगे।

  2. पांच लाख युवाओं को एआई का प्रशिक्षण मिलेगा।

  3. मिशन के लिए 225 करोड़ रुपये का बजट।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश के सभी जिलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) केंद्र खोले जाएंगे। इसके माध्यम से पांच लाख युवाओं को एआइ का प्रशिक्षण देने, 50 हजार विशेषज्ञ तैयार करने और 100 से अधिक एआइ आधारित समाधान विकसित करने का लक्ष्य है। हर जिले में जिला एआइ केंद्र होगा और मुख्यमंत्री एआइ फेलोशिप के तहत एक-एक एआइ फेलो एक वर्ष के लिए 40 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय पर रखा जाएगा।

आइटीआइ, पालिटेक्निक, विश्वविद्यालयों और इंजीनियरिंग कालेजों में 200 से अधिक एआइ कौशल लैब बनेगी। इनमें एआइ, डाटा साइंस और रोबोटिक्स का व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर एक लाख तकनीकी शिक्षार्थियों को प्रमाणित करने का लक्ष्य है। शुक्रवार को कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश एआइ मिशन (यूपी-एआइएम) की स्थापना, क्रियान्वयन और संचालन को मंजूरी दी गई।

मिशन का उद्देश्य सरकारी कामकाज में एआइ का उपयोग बढ़ाकर सेवाओं को तेज, सरल और प्रभावी बनाना है। इसके लिए यूपी एआइ स्टैक नाम से साझा डिजिटल प्लेटफार्म विकसित किया जाएगा। 100 स्टार्टअप को आर्थिक और अन्य सहायता दी जाएगी। एआइ मिशन के लिए 225 करोड़ रुपये का बजट प्रविधान किया गया है।

ये प्रस्ताव भी शामिल

डिजिटल प्लेटफार्म पर विभागों को एआइ के लिए तैयार आंकड़े, सुरक्षित तरीके से डाटा साझा करने की सुविधा, समाधान विकसित करने के उपकरण और ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू) आधारित कंप्यूटिंग क्षमता मिलेगी। मिशन के तहत सात क्षेत्रों में काम होगा। इनमें साझा एआइ प्लेटफार्म, डाटा व एआइ सेवाएं, कौशल विकास, शोध एवं उत्कृष्टता केंद्र, स्टार्टअप व एमएसएमई को प्रोत्साहन, कंप्यूटिंग एवं डिजिटल ढांचा, सुरक्षित एआइ का उपयोग और जिला स्तर पर सुविधाओं का विस्तार शामिल है।

कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा सहित विभिन्न विभागों की जरूरतों के अनुसार एआइ समाधान विकसित किए जाएंगे। यूपीजीपीटी के माध्यम से सरकारी कामकाज में सहायता मिलेगी और नागरिकों को उनकी क्षेत्रीय भाषा में सूचनाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

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एआइ सेंटर आफ एक्सीलेंस के माध्यम से शोध परियोजनाओं, नवाचार प्रतियोगिताओं और हैकाथन को बढ़ावा दिया जाएगा। मिशन, आइटी एवं इलेक्ट्रानिक्स विभाग के अंतर्गत स्वतंत्र सोसाइटी के रूप में स्थापित होगा। इसके संचालन के लिए शीर्ष निकाय, शासी निकाय और कार्यकारी समिति गठित की जाएगी।