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उत्तर प्रदेश में लगेगा उद्योगों का महामेला, दीपावली के बाद 8 लाख करोड़ रुपये की निवेश परियोजनाओं का होगा भूमि पूजन

Published: Wed, 14 Oct 2026 09:17 PM (IST)

उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास विभाग दीपावली के बाद 8 लाख करोड़ रुपये की निवेश परियोजनाओं का भूमि पूजन कराने की ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।

यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।

HighLights

  1. दीपावली के बाद 8 लाख करोड़ निवेश का भूमि पूजन।

  2. जीबीसी-5 के लिए इन्वेस्ट यूपी ने की तैयारी।

  3. प्रधानमंत्री कार्यालय से मिली आयोजन की सहमति।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। औद्योगिक विकास विभाग ने दीपावली के बाद राज्य में आठ लाख करोड़ रुपये की निवेश परियोजनाओं को लेकर भूमि पूजन कराने की तैयारी शुरू कर दी है। ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी)-5 के लिए इन्वेस्ट यूपी ने 7.5 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं को तैयार कर लिया है। साथ ही 50 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं को भी जीबीसी के लिए अगले एक सप्ताह के भीतर तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।

औद्योगिक विकास विभाग ने जीबीसी-5 का आयोजन इसी वर्ष फरवरी में ही कराने की तैयारी की थी। प्रधानमंत्री कार्यालय से समय न मिल पाने के कारण जीबीसी का आयोजन नहीं किया जा सका था। नतीजतन राज्य सरकार ने जीबीसी का आयोजन आगे बढ़ा दिया था।

इसके बाद से जीबीसी की तिथि फाइनल नहीं हो पा रही थी। मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री कार्यालय से दीपावली के बाद जीबीसी के आयोजन को सहमति दे दी गई है। राज्य सरकार ने बीती फरवरी में इन्वेस्ट यूपी को जीबीसी के लिए पहले पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य दिया था।

अब लक्ष्य बढ़ाकर 7.5 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। इन्वेस्ट यूपी की कोशिश है कि लक्ष्य से ज्यादा निवेश धरातल पर उतारा जाए। इसलिए उम्मीद है कि कम से कम आठ लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं को लेकर भूमि पूजन किया जाएगा।

इसके लिए सभी संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों, जिला उद्योग केंद्रों के प्रबंधकों और निवेश मित्रों को निर्देश जारी किए गए हैं कि अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित परियोजनाओं को एक सप्ताह के भीतर जीबीसी रेडी (तैयार) कर किया जाए। फिलहाल अभी तक आयोजित हो चुकी चार जीबीसी के बाद 12,09,218 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतारा जा चुका है।

जीबीसी--आयोजन की तिथि-- निवेश
जीबीसी-1--29 जुलाई 2018 --61,792 करोड़ रुपये
जीबीसी-2--28 जुलाई 2019 --67,202 करोड़ रुपये
जीबीसी-3--03 जून 2022 --80,224 करोड़ रुपये
जीबीसी-4--19 फरवरी 2024--10.01 लाख करोड़ रुपये