लखनऊ, जेएनएन। देश में 40 हजार डिग्री कॉलेज हैं। 30 करोड़ विद्यार्थी हैं। 90 लाख से अधिक अध्यापक हैं। इतना बड़ा तंत्र होने के बावजूद विश्व के शिक्षण संस्थानों में हमारी रैंकिंग बहुत नीचे है। समीक्षा में मैंने पाया कि विश्व के टॉप एक हजार शिक्षण संस्थानों में हमारे सिर्फ 23 संस्थान ही हैं। वहीं, 500 के अंदर केवल नौ संस्थान हैं और 200 के अंदर महज तीन। ऐसे में प्रधानमंत्री के शोध और नवाचार के दिखाए रास्ते को अपनाना होगा और विश्व रैंकिंग में अपने शिक्षण संस्थानों की संख्या को बढ़ाना होगा। 

यह कहना था केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक का। शुक्रवार को लखनऊ दौरे पर आए केंद्रीय मंत्री ने लखनऊ विश्वविद्यालय में अटल बिहारी वाजपेयी और उर्दू पर्शियन ब्लॉक का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने लविवि के शताब्दी वर्ष को बेहतर और शानदार ढंग से मनाए जाने के लिए सीएम से चर्चा करने के लिए कहा। केंद्रीय मंत्री ने मालवीय सभागार में अपने संबोधन में राम और कृष्ण के आदर्शों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, राम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। रघुकुल की रीति का सम्मान करते हुए उन्होंने बिना क्लेश राजगद्दी छोड़ दी और वनवास चले गए। आज के राम तो हाईकोर्ट और सीता मायके चली जाती हैं  । 

दीक्षा आरंभ समारोह भी मने
केंद्रीय मंत्री ने विश्वविद्यालयों में दीक्षांत के साथ ही दीक्षा आरंभ समारोह भी मनाए जाने को कहा। उन्होंने शिक्षकों से शोध और नवाचार पर जोर देने की नसीहत दी। यह भी कहा कि अब विश्व स्तर के शिक्षक देश में तैयार किए जाने पर जोर है। इस अवसर पर मंत्री महेंद्र सिंह, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो एसपी सिंह, बीबीएयू कुलपति प्रो संजय सिंह, लविवि प्रतिकुलपति प्रो आरके सिंह, लखनऊ विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (लूटा) अध्यक्ष डॉ नीरज जैन, महामंत्री डॉ विनीत वर्मा समेत तमाम लोग मौजूद रहे। 

परिवार, समाज और राष्ट्र का आधार है शिक्षा
इससे पूर्व सीएमएस गोमती नगर में शिक्षक दिवस पर आयोजित समारोह में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि शिक्षकों के लिए अपने विचारों के लिए जमीन पर प्रतिपादित करना जरूरी है। शिक्षा व्यक्ति परिवार, समाज और राष्ट्र का आधार है। इस अवसर पर मंत्री महेंद्र सिंह, रमापति शास्त्री, सांसद अशोक बाजपेई, सीएमएस संस्थापक डॉ जगदीश गांधी, डॉ भारती गांधी और डॉ गीता गांधी, हेड इंटरनेशनल रिलेशंस शिशिर श्रीवास्तव मुख्य रूप से मौजूद रहीं। 

बच्चों को करना पड़ा इंतजार
अपने दौरे के क्रम में केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक केंद्रीय विद्यालय गोमती नगर भी गए। वहां बच्चों व शिक्षकों से मुलाकात की। उन्होंने बच्चों को देश की संस्कृति और परंपरा से वाकिफ कराया। हालांकि, मंत्री के देर से पहुंचने से बच्चे को इंतजार करना पड़ा। इसके चलते भीषण गर्मी में उन्हें परेशानी का सामना भी करना पड़ा।   

Posted By: Anurag Gupta

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