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बिजली संकट में ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखने वाले भाजपाइयों को सपा मुखिया अखिलेश का अल्टीमेटम, नहीं मिलेगी जगह

By Dilip Sharma Edited By: Dharmendra Pandey
Published: Mon, 25 May 2026 01:24 PM (IST)

Akhilesh Yadav: सपा मुखिया ने आगे लिखा, किसी के लिए ये बड़ा मौका है कि वो पूरी तरह से नाकाम हो चुके किसी ‘दूत-मंत्री’ को हटा दे।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 

HighLights

  1. अखिलेश यादव बोले-जनता को कष्ट देने वाले भाजपाइयों को नहीं मिलेगी विपक्षी गठबंधन में जगह

  2. सपा प्रमुख ने बिजली संकट पर भाजपा सांसद-विधायकों के पत्रों को बताया दिखावा

  3. भाजपा को छोड़ विपक्ष से टिकट पाने के लिए है ‘आवेदन पत्र’ हैं उनकी चिट्ठियां

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बिजली संकट में सरकार के साथ न रहने वाले भाजपा के नेताओं को आईना दिखा दिया है। सपा प्रमुख ने साफ कह दिया है कि संकट के समय में सरकार के साथ न रहने वाले अवसरवादी है, ये लोग न समझें कि इनको विपक्षी गठबंधन में जगह मिल जाएगा।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश यादव ने सोमवार को एक्स पर लिखा,‘महा विद्युत आपदा’ की वजह से लगातार बढ़ते आक्रोश से बचने के लिए भयभीत भाजपाई विधायक-सांसद दिखावटी चिट्ठी के रूप में जिस ‘कागजी कवच’ से खुद को बचाना चाह रहे हैं, वो चिट्ठी दरअसल अपनी सरकार को लिखा कोई ‘जनहित का पत्र’ नहीं है बल्कि भाजपा रूपी डूबते जहाज को छोड़कर विपक्ष से आगामी चुनावों में टिकट पाने के लिए ‘आवेदन पत्र’ है। विपक्षी गठबंधन में ऐसे नेताओं के लिए कोई जगह नहीं होगी, जिन्होंने जनता को केवल परेशानी दी है।

सपा प्रमुख ने बिना नाम लिए प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा पर तंज करते हुए लिखा, ‘कभी आपदा में अवसर ढूंढने वालों ने, अवसर की जगह जिस ‘अफसर’ को ढूंढा था वो अफसर अब स्वयं आपदा साबित हो रहा है। समस्या का समाधान पूछने पर दोनों हाथ खड़ा करके नारा लगाकर बच निकलने वालों के रहते समस्या नहीं सुलझेगी। भाजपा के डबल इंजन की इस आपसी टकराहट का खामियाजा जनता क्यों भुगते।

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सपा मुखिया ने आगे लिखा, किसी के लिए ये बड़ा मौका है कि वो पूरी तरह से नाकाम हो चुके किसी ‘दूत-मंत्री’ को हटा दे, मतलब बहुत समय से चुभ रहे इस कांटे को निकाल दे अर्थात इस बार आपदा में वो किसी को बाहर का रास्ता दिखाने का अवसर ढूंढ ले।

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उसके बाद मुख्य जी को अपना मंत्रिमंडल विस्तार करने और उन बेचारे सहानुभूति के पात्रों में से किसी एक ‘घाटहीन’ को समायोजित करने का मौका भी मिल जाएगा, जो सत्तासुख के लालच में अपनी अंतरात्मा से झूठ बोलकर भी केवल हाथ मलते रह गए हैं। उत्तर प्रदेश में बिजली संकट पर अखिलेश यादव सरकार पर लगातार हमला बोल रहे हैं।

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