लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश में शिक्षा विभाग के अधीनस्थ राजकीय कार्यालयों में बड़ा फेरबदल हुआ है। समूह ग के 1043 कार्मिकों को दूसरे कार्यालयों में भेजा गया है। इनमें से 45 प्रतिशत कार्मिक एक ही कार्यालय में दस साल से कार्यरत रहे हैं। निर्देश है कि सभी स्थानांतरित कार्मिकों को तीन दिन में कार्यमुक्त कर दिया जाए। यदि इस अवधि में कार्यमुक्त नहीं किया जाता है तो उन्हें स्वत: कार्यमुक्त समझा जाएगा।

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा विभाग ने अधीनस्थ कार्यालयों में पांच वर्ष से अधिक समय से एक ही स्थान पर जमे कार्मिकों को स्थानांतरित करने का आदेश दिया था। माध्यमिक व बेसिक शिक्षा मंत्रियों ने कुछ दिन पहले वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में इसका शत-प्रतिशत अनुपालन कराने का निर्णय लिया था।

शिक्षा विभाग में पांच वर्ष से तैनात प्रशासनिक अधिकारी, प्रधान सहायक, वरिष्ठ सहायक, कनिष्ठ सहायक, आशुलिपिक, वैयक्तिक सहायकों का तबादला कर दिया गया है। प्रशासनिक आधार पर व निजी अनुरोध पर कुछ प्रत्यावेदनों पर विचार भी किया गया है, जिन्हें गंभीर बीमारियां या पारिवारिक स्थिति जटिल रही है। जिन कार्मिकों की सेवानिवृत्ति निकट थी उन्हें स्थानांतरण से मुक्त रखा गया या मंडल, जिले में ही समायोजित किया गया है।

शिक्षा विभाग के अफसरों का कहना है कि यह कदम सभी शिक्षकों के अधिष्ठान संबंधी प्रकरणों को समय से निस्तारण करने व कार्य में पारदर्शिता लाने के लिए उठाया गया है। यही नहीं विभाग ने कुछ खंड शिक्षा अधिकारियों के भी स्थानांतरण किए हैं। यह प्रक्रिया अब नियमित रूप से जारी रहेगी।

111 खंड विकास अधिकारियों का तबादला : ग्राम्य विकास आयुक्त ने सूबे के 111 खंड विकास अधिकारियों का तबादला किया है। संयुक्त आयुक्त प्रशासन राजेश कुमार ने बताया कि जिन खंड विकास अधिकारियों का एक मंडल व जिले में रहने की तय अवधि पूरी हो गई थी, उनको स्थानांतरित किया गया है। अभी 111 तबादले हुए हैं और भी स्थानांतरण संभावित हैं।

Edited By: Umesh Tiwari