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टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: रोजगार की तलाश में हरियाणा पहुंचीं थीं राधा-बबीता, बेदाग अतीत के बावजूद ऐसे बनीं क्राइम पार्टनर

By Jagran NewsEdited By: Shiv Govind Mishraa
Published: Thu, 22 Oct 2026 03:32 AM (IST)

टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में गिरफ्तार राधा और बबीता सामान्य परिवारों से हैं, जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। रोजगार ...और पढ़ें

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HighLights

  1. राधा और बबीता का नहीं था कोई आपराधिक रिकॉर्ड।

  2. रोजगार की तलाश में सोनीपत गई थीं दोनों युवतियां।

  3. मुंबई हथियार पहुंचाने के आरोप में हुई गिरफ्तारी।

जागरण टीम, लखनऊ। बालीवुड अभिनेता टाइगर श्राफ पर फायरिंग के मामले में मुंबई हथियार पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार सीतापुर की राधा और आजमगढ़ की बबीता सामान्य परिवारों की हैं। उनका पिछला कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है और दोनों रोजगार की तलाश में सोनीपत गई थीं। इसके बाद कब वे अपराधियों के संपर्क में आकर इस दलदल में फंसती चली गईं इसका उनके परिवार के लोगों को कुछ अता पता नहीं है।

यह संयोग ही है कि दोनों रोजगार की तलाश में अपने मौसेरे भाइयों के साथ गई थीं, लेकिन वहां पहुंचकर उन्होंने अपनी अलग दुनिया बना ली।बुधवार को राधा और बबीता के गांव पहुंचकर पुलिस ने उनके संबंध में जानकारियां जुटाईं। आजमगढ़ के तहबरपुर के कोठियार गांव की बबीता दो साल पहले मौसी के लड़के रवि, उसकी पत्नी और गांव की गुंजन के साथ पैकिंग का काम करने सोनीपत गई थी। वहां उसकी मुलाकात सीतापुर के नैमिषारण्य थाना क्षेत्र के नहवइया गांव की राधा से हुई।

नौ जून 2026 को बबीता अपनी बड़ी बहन नीलम की शादी में घर आई तब अपने परिवार को राधा के बारे में बताया था। नीलम ने बताया कि बबीता को अहसास होने लगा था की राधा के काम अच्छे नहीं है। उसके काम का तरीका अलग है। बबीता उसके काम के बारे में नहीं जान सकी, साथ भी नहीं छोड़ पाई। मुंबई दर्शन कराने के बहाने राधा बबीता को लेकर गई थी।

किराए का कमरा लेकर अकेले रहती थी बबीता

इसकी जानकारी बबीता ने राजस्थान में रह रहे अपने भाई दीपक को फोन पर दी थी। नीलम के अनुसार सोनीपत में पहले से रहकर काम करने वाली गांव की पूजा और उसके पति राजनाथ दो साल पहले गांव आए थे। उन लोगों ने बताया कि सोनीपत में पैकिंग के काम में 10-12 हजार रुपये प्रतिमाह मिलते हैं। यह जानकर बबीता अपने मौसी के लड़के उसकी पत्नी और गांव की गुंजन संग सोनीपत चली गई। सोनीपत में बबीता किराए का कमरा लेकर अकेले रहती थी।

उसके पिता रामजतन राम व मां रूमाली देवी घर रहते हैं। खेती-बाड़ी के नाम पर सिर्फ एक बिस्वा खेत है। तीन बहन और दो भाइयों में बड़ा भाई दिलीप लुधियाना में नौकरी करता है। उसकी पत्नी मीरा आजमगढ़ स्टेडियम में रसोईया है। बबीता ने गांव से इंटरमीडिएट तक पढ़ाई के बाद स्नातक की शिक्षा अवध विश्वविद्यालय से ली। इस घटना में बबीता का नाम आने से परिवारीजन हैरान, परेशान हैं।

आजमगढ़ के एसएसपी डा. अनिल कुमार के अनुसार स्थानीय पुलिस मुंबई-दिल्ली पुलिस के संपर्क में है। फिलहाल जांच में पता चल रहा कि बबीता का उपयोग घटना में कैरियर के तौर पर किया गया। हथियार कहां से गए हैं, इसकी जांच पुलिस कर रही है। उधर, सीतापुर के नैमिषारण्य थाना क्षेत्र के नहवइया गांव की राधा के बारे में पता चला कि आठ वर्ष पहले वह पति को छोड़कर बेटे के साथ अपने मायके इसी जिले के मिश्रिख थाना क्षेत्र के करमसेपुर गांव चली गई थी।

राधा के पति सुनील का आरोप है कि वह बेटे को लेकर कानपुर निवासी अपने मौसेरे भाई के साथ चली गई थी। टाइगर पर हमले की जानकारी सामने आने के बाद नैमिषारण्य और मिश्रिख पुलिस राधा की ससुराल और मायके पहुंची। वर्ष 2017 में राधा ने सुनील के खिलाफ मारपीट और दहेज उत्पीड़न का मुकदमा मिश्रिख कोतवाली में दर्ज कराया था।

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राधा की मां मैना ने बताया कि पति खाना-खर्चा नहीं देता था, इसलिए उनकी बेटी वर्ष 2025 में कमाई करने हरियाणा गई थी। हालांकि मां को नहीं पता था कि राधा किस फैक्ट्री में और क्या काम करती थी। मां के अनुसार आखिरी बार राधा से उसकी सोमवार शाम वीडियो काल पर बात हुई थी। उस समय राधा के साथ एक अन्य युवती भी बैठी दिखी थी। इसके बाद से उसका मोबाइल बंद है।