लखनऊ (जेएनएन)। लखनऊ जेल में बंद आतंकी तारिक काजमी, आदिल अंजुम व सज्जादुर्रहमान को जल्द दूसरी जेलों में स्थानांतरित किया जाएगा। आतंकी तारिक काजमी को शनिवार को लखनऊ जेल से बाराबंकी जिला कारागार में निरुद्ध किया गया। तीनों यहां बंद अन्य आतंकियों के साथ षड्यंत्र रच रहे थे और जिहाद फैला रहे थे। नाभा व भोपाल में हुए जेल ब्रेक की तरह यहां किसी बड़ी घटना की आशंका के चलते कारागार प्रशासन ने तीनों आतंकियों को दूसरी जेलों में स्थानांतरित किए जाने की अनुमति मांगी थी। इनमें दो कचहरी ब्लास्ट के आरोपित भी शामिल हैं। शासन ने तीनों आतंकियों को लखनऊ जेल से स्थानांतरित किए जाने की अनुमति दे दी है। जल्द उन्हें लखनऊ जेल से हटाया जाएगा।

शासन ने कचहरी ब्लास्ट के आरोपित तारिक काजमी को बाराबंकी जेल व सज्जादुर्रहमान को फैजाबाद जेल स्थानांतरित करने की अनुमति दी है। इसके अलावा आइएसआइ एजेंट आदिल अंजुम को गोरखपुर जेल भेजने का निर्देश दिया है। 23 नवंबर, 2007 को प्रदेश में हुए सीरियल कचहरी ब्लास्ट के मामले में तारिक व खालिद फैजाबाद कचहरी में ब्लास्ट करने के आरोप में पकड़े गए थे, जबकि सज्जादुर्रहमान वानी लखनऊ कचहरी में हुए धमाके के मामले में पकड़ा गया था। बताया गया कि आइएसआइ एजेंट आदिल अंजुम को वर्ष 2006 में कैसरबाग क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से सेना से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए थे। लखनऊ जेल में वर्तमान में आतंकी गतिविधियों में संलिप्त होने के 50 से अधिक आरोपित निरुद्ध है। इन्हें हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है। सूत्रों का कहना है कि हाई सिक्योरिटी बैरक में ऐसे बंदियों की संख्या अधिक होने की वजह से उन पर नजर रखने में भी मुश्किलें आ रही थीं। आतंकी आदिल को फर्जी पासपोर्ट के एक मामले में सजा हो चुकी है। शासन ने प्रशासनिक आधार पर तीनों आतंकियों की जेल स्थानान्तरित किए जाने की अनुमति दी गई है। 

बाराबंकी जिला कारागार भेजा गया आतंकी तारिक काजमी

सीरियल ब्लास्ट के आरोपित आतंकी तारिक काजमी को शनिवार को प्रशासनिक आधार पर लखनऊ जेल से जिला कारागार में निरुद्ध किया गया। उसे कड़ी सुरक्षा में दोपहर  बाराबंकी  जिला कारागार लाया गया। बाराबंकी  जेल अधीक्षक आरके जायसवाल ने बताया कि प्रशासनिक आधार पर जिला कारागार में निरुद्ध किए गए तारिक काजमी को अलग बैरक में रखा गया है। बताते चलें कि शुक्रवार को कारागार विभाग की ओर से जिला कारागार में निरुद्ध किए जाने का आदेश जारी किया गया था। जिस तारिक काजमी को जिला कारागार में निरुद्ध किया गया है। उस पर वाराणसी, लखनऊ व फैजाबाद में सीरियल ब्लास्ट करने का आरोप है। 22 दिसंबर 2007 को एसटीएफ ने तारिक को उसके साथी खालिद मुजाहिद को जिले के रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के दो वर्ष बाद खालिद मुजाहिद की पुलिस अभिरक्षा में मौत हो गई थी। वर्तमान समय में 15 ऐसे बंदी निरुद्ध किए गए हैं जो प्रशासनिक आधार पर यहां विभिन्न जेलों से भेजे गए हैं।

Posted By: Nawal Mishra

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