यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 27, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
उत्तर प्रदेश में पीपीपी माडल पर बस स्टेशनों के निर्माण को लेकर पेच फंसा, जानिए क्या है देरी की वजह
उत्तर प्रदेश में 17 बस स्टेशनों के निर्माण पीपीपी माडल पर किये जाएंगे। हालांकि कुछ शर्तों की वजह से अभी ...और पढ़ें

लखनऊ, जागरण संवाददाता। राजधानी के गोमतीनगर, चारबाग और अमौसी बस टर्मिनल समेत प्रदेश के 17 जिलों में पीपीपी माडल पर बनाए जाने वाले से बस स्टेशनों को विकसित किए जाने को लेकर निगम प्रबंधन और निवेशकों के साथ बैठक हुई। इसमें कई निवेशक आनलाइन भी जुड़े। बैठक में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, निगम अध्यक्ष आरके तिवारी, प्रबंध निदेशक आरपी सिंह, एएमडी सरनीत कौर ब्रोका समेत कई अधिकारी शामिल हुए। एमडी ने बताया कि नियम और शर्तों में छूट को लेकर कई बिंदु रखे गए।
इसमें लीज की समयावधि को बढ़ाए जाने, पचपन और 45 प्रतिशत, व्यवसायिक गतिविधियों पर निगम प्रबंधन द्वारा आपत्तियां न की जाएं। लीज स्थानांतरण में एनओसी सिस्टम खत्म किए जाने समेत तमाम बिंदु निवेशकों ने रखे। इसे लेकर प्रबंध निदेशक ने बताया कि पहले इस मसले पर निगम अध्यक्ष, उच्चाधिकारियों और निगम प्रबंधन के साथ बैठक करेंगे। उसके बाद ही निर्णय लिया जाएगा।
लंबी लीज और निर्माण की अवधि कम किए जाने समेत कई बातों पर निगम प्रबंधन ने निवेशकों से प्रबंधन की बात रखी। बता दें कि प्रदेश में पीपीपी माडल पर 17 बस अड्डों को बनाए जाने के लिए चिह्नित किया गया है। इनमें लखनऊ के गोमतीनगर, चारबाग और अमौसी तीनों बस स्टेशन शामिल हैं। इसके अलावा कानपुर, गाजियाबाद, सिविल लाइंस प्रयागराज एवं जीरो रोड, वाराणसी, बरेली, आगरा का ईदगाह और फोर्ट एवं ट्रांसपोर्टनगर बस अड्डा, गोरखपुर, मथुरा, रायबरेली आदि हैं।