लखनऊ, जागरण संवाददाता। आवास विकास के काबिल अभियंताओं द्वारा बेहतर निगरानी न करने से आज लाखों रुपये लगाकर खरीदे गए फ्लैट जर्जर हालत में हो गए हैं। यहां रहने वाले आवंटियों ने आवास विकास के अभियंताओं से पूछा है कि आखिर कौन से इंजीनियरिंग इसमें लगाई गई कि यह तीन साल में ही यह जर्जर हो गए। शहीद पथ स्थित अवध विहार योजना के जान्हवी अपार्टमेंट का शायद ही कोई फ्लैट ऐसा हाे, जो अपनी दास्तां बयां न कर रहा हो। यहां आवास विकास उत्तर परिषद द्वारा अठारह टावर बनाए गए हैं, लेकिन स्थिति नब्बे फीसद सब की खराब है। सवाल खड़ा होता है क्या संबंधित मुख्य अभियंता से लेकर अवर अभियंता की जवाबदेही तय होगी।

यही नहीं बनाने वाली फर्म से इसकी मरम्मत कराई जाएगी या फिर आवंटी जर्जर भवन में रहने को विवश होंगे और आवास विकास किसी बड़ी घटना का इंतजार करेगा? पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री व आवास आयुक्त को भी पत्र लिखकर फ्लैटों की मरम्मत कराने का आग्रह किया है। जान्हवी इन्क्लेव रेजीडेंशियल के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2015 में जान्हवी इन्क्लेव का पंजीकरण होता है और वर्ष 2018 से 2019 के बीच में आवंटन प्रकिया शुरू होती है। यही नहीं वर्ष 2021 में यानी ढाई से तीन साल में यह गिरने लगते हैं। सीवर व पानी के पाइप से रिसाव हो रहा है। आरोप लगाया है कि टॉवरों के काम को किसी एक अच्छी फर्म से न कराकर छोटे छोटे दर्जनों ठेकेदारों से कराया गया है। पदाधिकारियों ने बताया कि फ्लैटों में सीलन, बालू का गिरना, सीढ़ियों का सही से निमाZण न होना सहित दर्जनों छोटी छोटी समस्या हैं।

Edited By: Vikas Mishra