बहराइच, संवाद सूत्र। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के मोतीपुर रेंज में जंगल से सटे गांव चंदनपुर में दो मासूमों की जान लेने वाली मादा तेंदुआ वन विभाग की कड़ी मशक्कत बाद बीती रात करीब दो बजे मादा तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गई। इससे आसपास के ग्रामीणों के साथ ही वन विभाग ने राहत की सांस ली है। मोतीपुर रेंज के बनभुसरी बीट अंतर्गत ग्राम पंचायत चंदनपुर के मजरा कलंदरपुर में रविवार की रात तेंदुए ने आबादी में घुसकर देवतादीन की छह वर्षीय पुत्री राधिका उर्फ अंशिका को अपना निवाला बना लिया था, जबकि 30 जुलाई को की रात तेंदुए ने चंदनपुर गांव के छह वर्षीय बालक अभिनंदन पर हमला कर मार डाला था। एक ही गांव में ताबड़तोड़ दो घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत फैल गई थी। 

प्रभागीय वनाधिकारी आकाशदीप बधावन ने मामले को संज्ञान में लेते हुए पशु चिकित्सक वीरेंद्र वर्मा के नेतृत्व में घटनास्थल से सटे गन्ने के खेत में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगवाया। इसके बाद रेंजर महेंद्र मौर्य के नेतृत्व में कई टीमें रात को गश्त करती रहीं। रात करीब दो बजे बकरी की लालच में आई मादा तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गई। डा. वीरेंद्र वर्मा ने तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण किया। मादा तेंदुआ की उम्र दो से ढाई वर्ष के बीच आंकी गई है। मादा तेंदुआ पूर्ण वयस्क और स्वस्थ है। इस अभियान में पीएसएफ अमित कुमार, वन दारोगा राजाराम, शाहिद नफीस, परिकर्मा दीन, परशुराम त्रिपाठी, महेन पाल, दयानंद कुशवाहा, मिथिलेश राजपूत आदि शामिल रहे।

चिकित्सकीय परीक्षण में मादा तेंदुआ पूर्ण वयस्क और स्वस्थ है। उसे उच्चाधिकारियों से परामर्श के बाद कतर्नियाघाट वन्य जीव विहार के अत्यंत सघन वन क्षेत्र ट्रांस गेरुआ में छोड़ा जाएगा। -आकाशदीप बधावन, प्रभागीय वनाधिकारी बहराइच

Edited By: Vikas Mishra