लखनऊ (जेएनएन)। उत्तर प्रदेश में 13 सीटों के लिए 26 अप्रैल को होने वाले चुनाव के नामांकन के अंतिम दिन आज भारतीय जनता पार्टी के दस तथा इनके सहयोगी अपना दल के एक प्रत्याशी ने विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया। इससे पहले सभी 11 प्रत्याशी भाजपा कार्यालय में एकत्र हुए थे, जहां पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पाण्डेय ने इनको बधाई दी थी।

विधान भवन में आज भाजपा की तरफ से सबसे पहले विद्यासागर सोनकर ने नामांकन दाखिल किया। इसके बाद नामांकन का सिलसिला आगे बढ़ा। भाजपा के विजय बहादुर पाठक, योगी आदित्यनाथ सरकार में राज्यमंत्री महेंद्र सिंह व मोहसिन रजा के बाद डॉ. सरोजिनी अग्रवाल, अशोक कटारिया, जयवीर सिंह, यशवंत सिंह, अशोक धवन तथा बुक्कल नवाब ने नामांकन किया। अपना दल के आशीष सिंह पटेल ने भी इनके साथ ही अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। सोनकर के साथ प्रस्तावक के रूप में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य थे। भाजपा से यशवंत सिंह, सरोजिनी अग्रवाल, डॉक्टर महेंद्र सिंह, मोहसिन रजा, विजय बहादुर पाठक, अशोक धवन, बुक्कल नवाब, जयशंकर सिंह, अशोक कटारिया, विद्यासागर सोनकर तथा अपना दल के आशीष सिंह पटेल ने नामांकन किया।

भाजपा नेताओं के नामांकन के समय कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, गन्ना मंत्री सुरेश सिंह राणा परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह पटेल, औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी, कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, रमापति शास्त्री व चेतन चौहान के साथ राज्यमंत्री सुरेश पासी भी मौजूद थे। इनके साथ ही भाजपा संगठन से जुड़े पदाधिकारी विधान भवन में थे। केंद्रीय चिकित्सा राज्य मंत्री अपने पति तथा अपना दल के प्रत्याशी आशीष सिंह पटेल के नामांकन के समय मौजूद थीं।

यूपी विधान परिषद चुनाव के लिए जारी अधिसूचना के मुताबिक आज नामांकन का अंतिम दिन था। मतदान 26 अप्रैल को होगा। पांच मई को 12 विधान परिषद सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है और एक सीट पहले से ही खाली है। सूबे में कुल 100 विधान परिषद सदस्य हैं। इनमें से 38 विधान परिषद सदस्यों यानी एमएलसी का चयन विधायक करते हैं। 36 विधान परिषद सीटें ऐसी हैं जो स्थानीय निकाय द्वारा निर्वाचित होती हैं। इसके अलावा आठ सदस्यों का चुनाव शिक्षकों द्वारा और आठ सदस्य स्नातक सदस्यों द्वारा चुने जाते हैं। वहीं 10 विधान परिषद सदस्य मनोनीत होते हैं। इन सभी सदस्यों का कार्यकाल छह वर्ष के लिए होता है। विधायकों के वोट से चयनित विधान परिषद सदस्यों में से एक तिहाई सदस्य हर दो साल पर चुने जाते हैं। उत्तर प्रदेश में कुल 402 विधान सभा सदस्य हैं और 13 विधान परिषद सीटों पर चुनाव हैं। ऐसे में 402 को 13 से भाग देते हैं तो करीब 31 आता है। इस प्रकार से सूबे की एक सीट के लिए 31 विधायकों के वोट चाहिए। विधान परिषद की रिक्त हुई 13 सीटों में से सर्वाधिक सपा पार्टी के ही हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की भी सीट इसमें शामिल है। अखिलेश ने खुद को उच्च सदन न भेजते हुए नरेश उत्तम पटेल को भेजने का फैसला किया है। 

By Dharmendra Pandey