लखनऊ, जेएनएन। नई दिल्ली में राजपथ पर गणतंत्र दिवस की परेड में उत्तर प्रदेश ने लगातार तीसरे वर्ष अपना परचम लहराया है। उत्तर प्रदेश की झांसी को लगातार तीसरे वर्ष पहला पुरस्कार मिला है। इस बार की थीम नव्य काशी विश्वनाथ धाम के साथ एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) के साथ आजादी के 75 वर्ष थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने कहा कि एक जिला एक उत्पाद योजना से जहां प्रदेश के विशिष्ट उत्पादों को प्रोत्साहन मिल रहा है, वहीं प्रदेश में धार्मिक व सांस्कृतिक पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। देश की राजधानी में उत्तर प्रदेश की झांकी को प्रथम पुरस्कार मिलने से जिलों के विशिष्ट उत्पादों के साथ राज्य में सांस्कृतिक व धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

यह झांकी प्रदेश के सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की ओर से प्रस्तुत की गई थी। वर्ष 2021 में भी उप्र की झांकी को प्रथम पुरस्कार मिला था, जबकि वर्ष 2020 में द्वितीय पुरस्कार मिला था। परेड के दौरान झांकी पर 'काशी का गौरव लौटा जब खुला भव्य गलियारा, विश्वनाथ से मिलकर पुलकित है गंगा की धारा' गीत का प्रसारण किया गया। गीतकार वीरेन्द्र वत्स के शब्दों को राजेश सोनी ने संगीतबद्ध किया और इसे मनीष शर्मा ने अपनी आवाज दी। झांकी में चरकुला आर्ट अकादमी, मथुरा के कलाकारों की ओर से सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई।

रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल झांकियों का परिणाम घोषित किया। उत्तर प्रदेश का सूचना एवं जनसंपर्क विभाग झांसी की थीम तय करता है। राजपथ पर गणतंत्र दिवस परेड 2022 में राज्यों की झांकी की प्रस्तुति में उत्तर प्रदेश को प्रथम पुरस्कार मिला है। इससे पहले भी 2021 में उत्तर प्रदेश को पहला और 2020 में दूसरा स्थान मिला था। राजपथ पर उत्तर प्रदेश को लगातार तीन वर्षों तक गणतंत्र दिवस की परेड में सर्वश्रेष्ठ झांकी का पुरस्कार मिला है। इस वर्ष के गणतंत्र दिवस समारोह की परेड 2022 में उत्तर प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ राज्य की झांकी प्रस्तुत करने के लिए पहला स्थान मिला है। उत्तर प्रदेश की झांकी एक जिला एक उत्पाद और काशी विश्वनाथ धाम विषय पर आधारित थी।

परेड में काशी विश्वनाथ धाम की झलक दिखाने वाली यूपी की विशेष झांकी ने समां बांध दिया। काशी की संस्कृति के साथ ही नवीन बने काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर को भी इसने दिखाया। कोलकाता के कलाकारों की मदद से इस झांकी को 20 दिनों में तैयार किया। ऐसा भी नहीं है कि यह झांकी केवल काशी धाम पर ही आधारित थी, इसमें प्रदेश के प्रत्येक जनपद के पारंपरिक शिल्प, बुनकर एवं हस्तशिल्प उत्पादों को भी दर्शाया गया। यूपी की इस इकोनॉमी को दिखाने के साथ ही इसमें राममंदिर की झलक का समावेश भी किया गया है। उत्तर प्रदेश की इस झांकी में मुख्य तौर पर बाबा विश्वनाथ धाम और बनारस के घाट पर की संस्कृति दिखी। गंगा में नहाते और पूजन करते साधु के दृश्य भी इसका हिस्सा बने।

यह दूसरा मौका था जब बनारस से जुड़ी यूपी की कोई झांकी राजपथ पर चली।इसके पहले एक बार महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की झांकी गणतंत्र दिवस की परेड में आ चुकी है। इस झांकी में गोरखपुर के प्रसिद्ध टेराकोटा सिरेमिक शिल्प का भी प्रदर्शन किया गया। झांकी के शिखर पर ओडीओपी कार्यक्रम के तहत पीतल से बनी गाय मुरादाबाद के धातु शिल्प को दिखा रही थी। झांकी के बीच में वाराणसी के घाटों का सीन था, जो संतों द्वारा अर्घ्य देने और सूर्य की आराधना का दृश्य दिखा रहे थे। झांकी के आगे के भाग में यूपी की इस इकोनॉमी दिखाने के साथ पिछले भाग में श्री काशी विश्वनाथ धाम को प्रदर्शित किया गया। इकोनॉमी वाले पार्ट से दिखाया गया कि कैसे योगी सरकार की सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम नीति और औद्योगिक विकास नीति से कौशल विकास एवं रोजगार का काम हो रहा है।

राज्यों की झांकियों में पहला स्थान उत्तर प्रदेश को मिला है। इसके अलावा महाराष्ट्र को पॉप्युलर चॉइस कैटिगरी में पहला स्थान मिला है। इसके अलावा सीआईएसएफ अर्धसैनिक बलों के मार्चिंग दस्तों में सबसे श्रेष्ठ आंका गया है। रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में यह जानकारी दी गई है। इसके अलावा सैन्य दस्तों की बात करें तो इसमें इंडियन नेवी को पहला स्थान दिया गया है। नेवी को बेस्ट मार्चिंग दस्ते के तौर पर चुना गया है। भारतीय वायुसेना के दस्ते को पॉप्युलर चॉइस कैटिगरी में पहला नंबर मिला है। केंद्र सरकार के 9 मंत्रालयों की झांकियों को भी इस परेड में शामिल किया गया था। इनमें शिक्षा मंत्रालय और उड्डयन मंत्रालय को संयुक्त रूप से पहला स्थान दिया गया है। उत्तर प्रदेश की झांकी में इस बार काशी विश्वनाथ कॉरिडोर को दिखाया गया था, जिसकी काफी तारीफ की गई थी। इस रिपब्लिक डे परेड पर देश के 12 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियों को शामिल किया गया था। इनमें महाराष्ट्र, यूपी, जम्मू-कश्मीर, गोवा, उत्तराखंड और पंजाब आदि शामिल थे। जम्मू कश्मीर की झांकी की बात करें तो उसमें मार्तंड सूर्य मंदिर, वैष्णो देवी मंदिर आदि को दिखाया गया था। यूपी और महाराष्ट्र के साथ ही जम्मू कश्मीर की झांकी की काफी तारीफ हुई थी। इस बार रिपब्लिक डे में पहली बार कई चीजों देखने को मिलीं। इनमें बीटिंग रीट्रीट सेरेमनी के दौरान 1,000 ड्रोन्स का प्रदर्शन भी शामिल था।

Edited By: Dharmendra Pandey