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'बिल्डर की नाकामी का हर्जाना जनता क्यों भरे?', सुशांत गोल्फ सिटी में LDA के डेवलपमेंट फीस का विरोध शुरू

Published: Sun, 25 Oct 2026 04:21 AM (GMT+05:30)

एलडीए द्वारा सुशांत गोल्फ सिटी के निवासियों पर 1150 रुपये प्रति वर्गमीटर पूर्णता शुल्क लगाने के प्रस्ताव का विरोध हो ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. एलडीए ने सुशांत गोल्फ सिटी पर पूर्णता शुल्क प्रस्तावित किया।

  2. निवासियों ने बिल्डर की चूक का खामियाजा भुगतने से इनकार किया।

  3. प्राधिकरण की निगरानी और शुल्क की वैधता पर सवाल उठे।

जागरण संवाददाता, लखनऊ। अंसल की अधूरी सुशांत गोल्फ योजना का विकास करने के लिए एलडीए ने
सुशांत गोल्फ सिटी के निवासियों पर 1150 रुपये प्रति वर्गमीटर का पूर्णता चार्ज लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव का स्थानीय निवासियों ने विरोध दर्ज कराया है।

आंवटियों का कहना है कि जब चूक बिल्डर और निगरानी तंत्र से हुई है तो आर्थिक दंड की कीमत आम नागरिक क्यों चुकाए? अधिकार सुशांत गोल्फ सिटी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के सस्थापक फूडमैन डाक्टर विशाल सिंह ने कहा कि हाईटेक टाउनशिप की स्वीकृति, विकास, नियोजन और निर्धारित शर्तों के अनुपालन की प्रक्रिया संबंधित सरकारी प्राधिकरणों और सक्षम अधिकारियों की वैधानिक निगरानी के अधीन होती है।

यदि परियोजना के विकासकर्ता ने स्वीकृत मानचित्र, लेआउट अथवा विकास संबंधी शर्तों का उल्लंघन किया गया, तो प्रश्न यह है कि समय रहते प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई? टाउनशिप परियोजनाओं में लागू नियमों एवं स्वीकृति की शर्तों के अनुसार भूमि अथवा अन्य परिसंपत्तियां बंधक रखी जा सकती हैं।

जांच और जवाबदेही निर्धारित करना संबंधित सक्षम संस्थाओं का दायित्व 

यदि संबंधित कंपनी ने कथित तौर पर प्लाट बेचने के बाद भी भूमि को बंधक रखकर ऋण प्राप्त किया, अथवा ऐसी कोई वित्तीय व्यवस्था की जो लागू कानून या स्वीकृत शर्तों के विपरीत थी, तो उसकी जांच और जवाबदेही निर्धारित करना संबंधित सक्षम संस्थाओं का दायित्व है।

यदि स्वीकृत लेआउट में परिवर्तन करके पार्कों, घुड़सवारी या बैडमिंटन अकादमी और अन्य निर्धारित सुविधाओं का भू उपयोग बदला गया या उनका हस्तांतरण अथवा विक्रय किया गया, तो संबंधित स्वीकृतियों, संशोधित मानचित्रों और भूमि के वर्तमान उपयोग का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

जिन नागरिकों ने अपनी जीवनभर की कमाई लगाकर भूखंड खरीदे, निर्धारित कीमत चुकाई और उपलब्ध दस्तावेजों एवं स्वीकृतियों पर भरोसा किया, उन्हें बाद में सामने आने वाली कथित प्रशासनिक अथवा विकासकर्ता संबंधी चूकों का स्वतः जिम्मेदार नहीं माना जा सकता।

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एलडीए को बताना चाहिए कि पूर्णता शुल्क को निर्धारित करने वाला शासनादेश, नियम, विनियम अथवा सक्षम प्राधिकारी का आदेश कौन-सा है? क्या यह शुल्क प्रत्येक भूखंड मालिक पर समान रूप से लागू है, अथवा भूखंड की श्रेणी, पूर्व भुगतान और संबंधित स्वीकृतियों के आधार पर अलग-अलग स्थिति बनती है? शुल्क की गणना किस मद में की गई है?