अलीगंज अग्निकांड का SC ने लिया संज्ञान, इसी महीने लखनऊ आकर अवैध भवनों की जांच करेंगे न्याय मित्र
सुप्रीम कोर्ट ने अलीगंज अग्निकांड का संज्ञान लेते हुए लखनऊ में अवैध भवनों के निरीक्षण का निर्देश दिया है।


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, लखनऊ। अलीगंज के भीषण अग्निकांड का सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया है, इसी महीने सुप्रीम कोर्ट के न्याय मित्र लखनऊ पहुंचकर अवैध भवनों का निरीक्षण करेंगे। इसे लेकर एलडीए में तैयारियां चल रही हैं। प्राधिकरण ने उन सभी भवनों का विस्तृत ब्यौरा तैयार कराया है।
इतना ही नहीं एलडीए ने हर भवन की मंजिलों की संख्या, निर्माण की अवधि, उस दौरान तैनात अधिकारियों के नाम, की गई कार्रवाई और कार्रवाई न होने के कारणों तक का पूरा ब्यौरा जुटाया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि निरीक्षण के दौरान कोई तथ्य अधूरा न रहे।
सुप्रीम कोर्ट ने अलीगंज अग्निकांड की प्रदेश सरकार से विशेष जांच दल (एसआइटी) की रिपोर्ट मांगा है। एसआइटी अपनी रिपोर्ट में उन अधिकारियों के नाम भी शामिल करेगी जिनकी भूमिका या लापरवाही सामने आई है। इस मामले की सुनवाई सितंबर के मध्य प्रस्तावित है। उससे पहले न्याय मित्र स्थलीय निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंप सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर चिह्नित 51 भवनों में कई प्रभावशाली व्यक्तियों की संपत्तियां भी शामिल हैं। इनमें पूर्व राज्यपाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री, विधायक, बड़े कारोबारी व उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ताओं से जुड़े भवन भी शामिल हैं।
एक राज्य मंत्री से जुड़ा भवन अवैध निर्माण की श्रेणी में पाया गया है। यदि न्यायालय के निर्देश पर शहर में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होती है तो यह राजधानी में अवैध निर्माणों के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
