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एक दिन की इंस्पेक्टर बनीं दिव्यांशी, दहेज उत्पीड़न महिला की शिकायत सुन दिए कार्रवाई के निर्देश

Published: Thu, 15 Oct 2026 05:20 AM (IST)

लखनऊ के पीजीआइ थाने में 11वीं की छात्रा दिव्यांशी एक दिन की इंस्पेक्टर बनीं और उन्होंने दहेज उत्पीड़न की शिकायत ...और पढ़ें

पीजीआई इंस्पेक्टर का चार्ज लेते ही छात्रा दिव्यांशी सिंह ने महिला की फरियाद सुनी। जागरण

पीजीआई इंस्पेक्टर का चार्ज लेते ही छात्रा दिव्यांशी सिंह ने महिला की फरियाद सुनी। जागरण

HighLights

  1. दिव्यांशी ने पीजीआइ थाने में एक दिन की इंस्पेक्टर की भूमिका निभाई।

  2. उन्होंने दहेज उत्पीड़न की शिकायत सुनी और कार्रवाई के निर्देश दिए।

  3. महिलाओं को निडर होकर पुलिस के सामने बात रखने की सलाह दी।

संवाद सूत्र, लखनऊ। पीजीआइ थाने में बुधवार को 11वीं की छात्रा दिव्यांशी इंस्पेक्टर की भूमिका में नजर आईं। थाने पहुंचते ही पुलिसकर्मियों ने उन्हें सलामी दी। इंस्पेक्टर की कुर्सी संभालने के बाद दिव्यांशी ने दहेज उत्पीड़न और पति की प्रताड़ना से परेशान महिला की शिकायत सुनी और तहरीर के आधार पर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को बदनामी या समाज के डर से अपनी शिकायत दबानी नहीं चाहिए, बल्कि बिना भय पुलिस के सामने अपनी बात रखनी चाहिए।

इस दौरान दिव्यांशी ने महिला हेल्प डेस्क, कंप्यूटर कक्ष और मालखाने की व्यवस्था भी समझी। उन्होंने बताया कि उनके पिता अधिवक्ता और मां गृहिणी हैं। वह भविष्य में आइएएस अधिकारी बनना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि इंस्पेक्टर की जिम्मेदारी मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। इसी क्रम में निजी स्कूल की छात्रा रिया ने डीसीपी दक्षिण की भूमिका निभाई।

पूरी प्रक्रिया के बारे में समझाया

उनके सामने वृंदावन कालोनी में दुर्गा पूजा के दौरान डांडिया आयोजन की अनुमति लेने पहुंचे आयोजकों से सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल किए। उन्होंने ऑनलाइन अनुमति की सुविधा की जानकारी न होने पर आयोजकों को इस प्रक्रिया के बारे में समझाया।

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साथ ही आयोजन स्थल पर महिलाओं के लिए शौचालय, सुरक्षा गार्ड, आवागमन की सुरक्षा और खाद्य पदार्थों की स्वच्छता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीसीपी ने रिया की समझ और सक्रियता की सराहना की। वहीं, 11वीं की छात्रा अवंतिका को एडीसीपी की जिम्मेदारी सौंपी गई।