लखनऊ, जेएनएन। हेलो राइड कंपनी के निदेशक निखिल कुशवाहा को आखिरकार एसटीएफ ने पिकप भवन के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपित ने सैकड़ों लोगों से निवेश के नाम पर सौ करोड़ रुपये जमा कराए थे और फिर उनकी धनराशि हड़प लिए। आरोपित निखिल कुशवाहा पर कुल 19 मुकदमे दर्ज हैं। एसटीएफ काफी समय से आरोपित की तलाश कर रही थी।

निखिल मूलरूप से रकसरई थाना सरांय अकील जिला कौशांबी का रहने वाला है, जो यहां जानकीपुरम में रहता था। पूछताछ में निखिल ने बताया कि उसके बड़े भाई अभय ने 2013 में इनफिनिटी वर्ड इंफ्रावेंचर लि. के नाम से कंपनी बनाई थी। यह कंपनी रियल एस्टेट का काम करती थी, जिसमें वह सेल्स मैनेजर था। बाद में आरोपित ने खुद हेलो राइड नाम से कंपनी बनाई।

इसमें वह, उसका बड़ा भाई, नीलम वर्मा व आजम सिद्दीकी निदेशक थे। साइबर हाइट के आठवें तल पर आरोपित ने ऑफिस खोला था, जिसमें लोगों से छह लाख 10 हजार रुपये निवेश के नाम पर लिए जाते थे। इसके एवज में लोगों को प्रति माह 9,582 रुपये एक साल तक देने का झांसा दिया था। आरोपितों ने 100 करोड़ रुपये जमा हो जाने पर निवेशकों का भुगतान करना बंद कर दिया, जिसके बाद निवेशकों ने एफआइआर दर्ज कराई और पुलिस ने अभय को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि तीन माह बाद अभय की जमानत हो गई थी। 

दूसरे नाम से बनाई कंपनी 

आरोपित पर कई एफआइआर होने के बाद कंपनी बंद कर भाग गए थे और ओजोन इनफिनिटी वर्ड एग्रो नाम से दूसरी कंपनी संचालित करने लगे। इसमें लोगों से प्रतिदिन रुपये जमा कराए जाते थे और एक साल बाद ब्याज के साथ रुपये वापस करने का दावा करते थे। यह कंपनी राजधानी के अलावा फतेहपुर, मुजफ्फरपुर, बिहार, मोहाली, पठान कोट और जीरकपुर में संचालित है। जमानत के बाद अभय व अन्य आरोपित सऊदी अरब भाग गए हैं। निखिल के पास से कई जाली दस्तावेज व अन्य सामान बरामद किया गया है।

Edited By: Divyansh Rastogi