लखनऊ (जेएनएन)। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 68500 सहायक शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी को लेकर भाजपा सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझकर नौजवानों की जिंदगी से खेल रही है। नौकरियों का विज्ञापन तो दिया जा रहा है लेकिन, किसी न किसी बहाने भर्ती रोक दी जा रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री से बुधवार को बीटीसी प्रशिक्षुओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने भेंटकर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में अनिल यादव, राहुल वर्मा, शत्रुहन मौर्या, आनंद वर्मा, नरेन्द्र बहादुर वर्मा, अभिषेक यादव, आरती सिंह और संजय प्रताप यादव थे।

पेपरलीक के बहाने रोकीं भर्तियां 

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि 68,500 प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती को लेकर नौजवान पुलिस के दमन के बावजूद न्याय की भीख मांगते हुए धरना दे रहे हैं। लगभग 27000 सीटें रिक्त हैं, जिन पर भर्ती टाली गई है।

अखिलेश यादव ने कहा कि यूपीपीसीएल में 2849 नौकरियां निकलीं और पेपरलीक के बहाने रद हो गईं। 3210 टयूबवेल आपरेटरों की भर्ती में ढाई लाख आवेदन आए, यूपी पुलिस में 2,709 सब इंस्पेक्टर के पदों की भर्ती के लिए 1.20 लाख आवेदन आए। ये भर्तियां पेपरलीक के बहाने रोक दी गईं। पुलिस भर्ती का भी ऐसा ही हाल है। उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार देने के आंकड़ों में भी हेराफेरी कर रही है। भदोही के कारपेट एक्सपो मार्ट में घोषणाएं बड़ी-बड़ी की जा रही हैं लेकिन, हकीकत में युवाओं के साथ धोखा हो रहा है।

हार के डर से टाला गोरखपुर छात्रसंघ चुनाव

अखिलेश यादव ने कहा कि लगता है गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव में हारने के बाद अब कुछ लोगों को गोरखपुर विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में भी हार का डर सता रहा है। इसीलिए वे छात्र संघ चुनाव टाल रहे हैं। ये चुनाव से पहले ही हार मान लेने का संकेत है। छात्रों से उनका अधिकार छीनना अलोकतांत्रिक है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार छात्र-नौजवान विरोधी है। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, काशी विद्यापीठ, इलाहाबाद विश्वविद्यालय और लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रों पर मुकदमे दर्ज कर उनका उत्पीडऩ किया जा रहा है।

Posted By: Nawal Mishra