लखनऊ, जेएनएन। एसएसपी कैंप कार्यालय में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रामबरन यादव (40) ने अपने कैसरबाग स्थित किराए के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसने सुसाइड नोट में लिखा कि परेशानियों से तंग आकर यह कदम उठा रहा हूं। किसी का कोई दोष नहीं। आत्महत्या का स्वयं जिम्मेदार हूं, घरवालों को परेशान न किया जाए। राजू और अंशू का जिक्र करते हुए एक लाख से अधिक धनराशि उनके पास जमा करने की बात बताई और यह धनराशि घरवालों को दिलाने को कहा। परिवार की एक महिला का जिक्र करते हुए उनसे बच्चों का ध्यान देने की बात भी लिखी है। 

मूलरूप से महाराजगंज रायबरेली निवासी रामबरन यहां कैसरबाग के कटरा मकबूलगंज में किराए के कमरे में रहते थे। शनिवार रात वह ड्यूटी से कमरे पर चले गए। सुबह काफी देर तक कमरा नहीं खुला तो मकान मालिक ने पुलिस को सूचना दी। इंस्पेक्टर कैसरबाग राजकुमार सिंह ने बताया कि दरवाजा तोड़ा गया तो रामबरन का शव पंखे से मफलर के सहारे फंदे से लटका था। शव को नीचे उतारकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। 

बताया कि रामबरन की पत्नी अनीता 10 साल की बेटी प्रतीक्षा को लेकर छह महीने पहले मायके चली गई थी। रिश्तेदारों से पूछताछ में पता चला कि दोनों के बीच अनबन चल रही थी। हालांकि पत्नी से अभी तक पूछताछ नहीं हो पाई है। एसएसपी आवास के कर्मचारियों का कहना है कि रामबरन बेहद हसमुख मिजाज का था। एसएसपी ने भी रामबरन की मौत पर शोक व्यक्त किया। 

 

Posted By: Anurag Gupta

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