6 साल की उम्र में शुरू की सिंगिंग, 15 एल्बम देने के बाद अब ये फेमस श्रीलंकाई गायिका UP की यूनिवर्सिटी से करेंगी PhD
श्रीलंकाई गायिका और अभिनेत्री चंपा कलहरी जयसेकरा अब लखनऊ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता और जनसंचार में पीएचडी करेंगी। उन्होंने हिंदी और सिंहली संगीत में अपना करियर बनाया है।

गायिका और अभिनेत्री चंपा कलहरी जयसेकरा।
HighLights
श्रीलंकाई गायिका चंपा कलहरी लखनऊ विश्वविद्यालय में पीएचडी करेंगी।
पत्रकारिता और जनसंचार विभाग में शोध करेंगी मशहूर गायिका।
हिंदी और सिंहली संगीत में अपनी विशेष पहचान बनाई है।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। श्रीलंका की लोकप्रिय गायिका व अभिनेत्री चंपा कलहरी जयसेकरा लखनऊ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से पीएचडी करने जा रही हैं। उन्होंने इसके लिए आवेदन किया है। हिंदी और सिंहली संगीत में अपने काम के लिए जानी जाने वाली कलहरी ने गायन, अभिनय, रेडियो और टेलीविजन सहित कई क्षेत्रों में अपना करियर बनाया है।
कलहरी का लखनऊ विश्वविद्यालय में अध्ययन करने का निर्णय शहर के साथ उनके लंबे समय से चले आ रहे जुड़ाव से प्रेरित है। वह भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय से संगीत की शिक्षा ले चुकी हैं। कलहरी का जन्म 1974 में कोलंबो में हुआ था। वह जब छह वर्ष की थीं, तभी उन्हें महान गायिका लता मंगेशकर से जुड़ा गीत 'श्रीलंका मा प्रियदरा जय भूमि' गाया था।
इसके बाद उन्हें बच्चों के रेडियो कार्यक्रम में मौका मिला। श्रीलंका में उन्हें हिंदी गाने गाने के लिए विशेष लोकप्रियता मिली। उन्होंने संगीत की शिक्षा भारत से भी प्राप्त की है। उनका पहला एल्बम 'साथिरे' था। अब तक उनके 15 से अधिक एल्बम आ चुके हैं। उन्होंने सिंहली फिल्मों में भी गाया है और लोकप्रिय सिंहली गीतों के हिंदी रूपांतरण भी रिकार्ड किए हैं।
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उनका गीत 'सिथा पिया सलाला' 1990 के दशक में काफी लोकप्रिय हुआ था। कलहरी के पिता एचडीएस जयसेकरा संगीत विशारद हैं। संगीत शिक्षा की प्रेरणा उन्हें अपने घर से ही मिली। विश्वविद्यालय के प्रो. आरपी सिंह ने बताया कि जब कोई विदेशी विद्यार्थी प्रवेश के लिए आवेदन करता है, तो उसकी जांच की जाती है।
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चंपा कलहरी ने मीडिया स्टडीज में मास्टर किया है। पत्रकारिता में पीएचडी के लिए क्वालीफाइड हैं। उनका आवेदन भी प्राप्त हो चुका है। अब आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
