लखनऊ, जागरण संवाददाता। राजधानी में सांपों की तस्करी का इनपुट मिलने पर गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी की लिए वन विभाग और पुलिस विभाग ने जाल बिछाया। योजना के तहत वन विभाग और पुलिस अधिकारी ख्ररीदार बने। उन्होंने सांप खरीदने के लिए तस्कर को फोन कर बुलाया। इसके बाद उसे दबोच लिया। टीम ने उसके पास से दो धामिन (घोड़ा पछाड़) सर्प और छह दो मुंहा सांप बरामद किए हैं। पुलिस ने आरोपित तस्कर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस और वन विभाग की टीम गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। बरामद सांपों की कीमत करीब ढ़ाई करोड़ रुपये है। 

एडीसीपी पश्चिम राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित मो. हसन निवासी बर्फखाना है। उसके पास से दो घोड़ा पछाड़ सांप और छह अन्य बरामद किए गए हैं। यह प्रतिबंधित सर्प हैं। उन्होंने बताया कि वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो दिल्ली के क्षेत्रीय उप निदेशक अरविंद चौरसिया ने लखनऊ के डीएफओ डा. रवि कुमार सिंह को सूचना दी थी कि लखनऊ में इंटरनेट मीडिया के माध्यम से सांपों की बिक्री करते थे। इनपुट के आधार पर वन विभाग से उप क्षेत्रीय वन अधिकारी विनीत प्रकाश, मनीष कनौजिया व अन्य लोग एवं ठाकुरगंज इंस्पेक्टर सुनील कुमार दुबे व उनकी टीम को लगाया गया। इन लोगों ने इंस्‍टाग्राम के माध्यम से सांप खरीदने के लिए मो. हसन से बातचीत तय की। इसके बाद उसका मोबाइल नंबर लिया। फिर उसे सांप के सैंपल दिखाने और खरीदने का झांसा देकर बुलाया। वह स्कूटी से एक बैग लेकर पहुंचा। मौके से दो घोड़ा पछाड़ सांप बैग से बाकी छह उसकी निशानदेही पर घर से बरामद किए गए हैं। आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है।

एक बाबा देता था सांप : 
एडीसीपी ने बताया कि गिरफ्तार सर्प तस्कर का मोबाइल कब्जे में ले लिया गया है। सर्विलांस के माध्यम से उसकी काल डिटेल्स निकलवाई जा रही है। पूछताछ में पता चला है कि एक बाबा, हसन को सांप देता था। वह बुद्धेश्वर चौराहे पर बुलाकर उसे सांप देता था। उस बाबा की तलाश की जा रही है।

 

Edited By: Anurag Gupta