लखनऊ[अंशू दीक्षित]। राजधानी के 38 उपकेंद्रों में जुलाई से स्मार्ट मीटर लगाने की प्रकिया शुरू कर दी जाएगी। शुरुआत पुराने लखनऊ के चौक, अमीनाबाद व ठाकुरगंज से की जाएगी। यह अभियान निजी कंपनी के जरिए होगा। स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ता बिजली चोरी नहीं कर पाएगा और न ही मनचाही बिजली खर्च करके मनचाहा बिल जमा कर पाएगा। जी हा जितनी बिजली खर्च होगी, उपभोक्ता को उतना पैसा जमा करना होगा। कम लोड लेकर ज्यादा इस्तेमाल करने पर मीटर टिप होगा। स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट देख रहे अधीक्षण अभियंता ने बताया कि लखनऊ के आठ डिविजन के 38 उपकेंद्रों से पोषित उपभोक्ताओं के लिए 2,60,319 मीटर मंगाए गए हैं। यह मीटर चरणबद्ध तरीके से लगाए जाएंगे। उद्देश्य होगा की बिजली चोरी रुके। अफसरों के मुताबिक, 38 उपकेंद्रों में स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली व्यवस्था जहा सुधरेगी वहीं राजस्व का ग्राफ चौकाने वाला होगा।

इन डिविजन में लगेंगे स्मार्ट मीटर

अपट्रान, अमीनाबाद, आलमबाग, हुसैनगंज, ठाकुरगंज, चौक, राजभवन, ऐशबाग में स्मार्ट मीटर लगेंगे। इन डिविजन के अंतर्गत ही 38 उपकेंद्र हैं। कोई शुल्क न लेने का दावा

मध्याचल के अभियंताओं ने बताया कि मीटर बदलने का काम नि:शुल्क किया जाएगा। इसके एवज में उपभोक्ताओं से किसी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। नया मीटर लगने की उन्हें रसीद दी जाएगी और पुराने मीटर जमा हो जाएंगे। कैसे काम करेगा स्मार्ट मीटर

अभियंताओं के मुताबिक, स्मार्ट मीटर क्लाउड बेस पर काम करेगा। शुरू में ही उपभोक्ताओं से एक मोबाइल नंबर मागा जाएगा, जिस पर एक वन टाइम पसवर्ड जेनरेट किया जाएगा, जो उपभोक्ता के मोबाइल पर जाएगा। इससे उपभोक्ता अपने मीटर की करंट पोजीशन अपने मोबाइल पर देख सकेगा। ऑनलाइन भुगतान भी कर सकेगा। हालाकि उपभोक्ताओं को बिल की हार्ड कॉपी भी भेजी जाएगी। मीटर पर रीडिंग न दिखाने और मीटर खराब होने पर उपभोक्ता को मोबाइल पर ही पता चल जाएगा कि मीटर खराब है। यहीं नहीं अगर उपभोक्ता रीडिंग स्टोर करता है तो निर्धारित रीडिंग व निर्धारित राशि के बाद मीटर टिप हो जाएगा। आसान नहीं होगा मीटर लगाना

अभियंताओं का मानना है कि स्मार्ट मीटर वह लोग लगवाने से कतराएंगे, जो चोरी कर रहे होंगे। पुराने लखनऊ में बिजली महकमे को मीटर लगाने के लिए पुलिस की मदद लेनी होगी।

Posted By: Jagran