लखनऊ, जेएनएन। केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में शराब पीकर उपद्रव करने पर शासन सख्त हो गया। ऐसे में मारपीट-तोडफ़ोड़ की घटना पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की। लिहाजा, 40 घंटे बाद संस्थान प्रशासन को डॉक्टरों का रवैया अनुशासनहीन लगा और दोनों विभाग के छह डॉक्टरों को निलंबित कर दिया। वहीं, घटना में दर्जनभर से अधिक डॉक्टर शामिल थे।

केजीएमयू के सीएमएस डॉ. एसएन शंखवार के मुताबिक ट्रॉमा सेंटर में शराब पीकर तोडफ़ोड़ करने के मामले की जांच शुरू हो गई है। वहीं कुलपति के निर्देश पर फिलहाल छह डॉक्टरों को निलंबित कर दिया गया। इसमें आर्थोपैडिक विभाग के डॉ. राहुल गुप्ता, डॉ. शुभम, डॉ. अनुश्रव राव हैं। वहीं मेडिसिन विभाग के डॉ. मयंक, डॉ. प्रद्युम्न मॉल, डॉ. कृष्णपाल सिंह परमार हैं। यह छह रेजीडेंट डॉक्टर जांच पूरी होने तक चिकित्सकीय कार्य से निलंबित रहेंगे। साथ ही पूरे प्रकरण की रिपोर्ट प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा को भेज दी गई।

क्या था मामला?

प्रॉक्टर प्रो. आरएएस कुशवाहा के मुताबिक शनिवार को आर्थोपेडिक विभाग के रेजीडेंट डॉक्टरों द्वारा बर्थ डे पार्टी की गई। इसमें रेजीडेंट डॉ. रजनीश व डॉ. प्रांजल शराब के अधिक सेवन से बेहोश हो गए। ऐसे में पार्टी में मौजूद अन्य रेजीडेंट डॉ. शुभम सिंह, डॉ. राजीव शुक्ला, डॉ. धीरेंद्र वर्मा, डॉ. आदर्श सेंगर, डॉ. अनुश्रव व डॉ. रोहित जो कि खुद नशे में थे, उन्हें लेकर आए। इलाज के दरम्यान मेडिसिन व आर्थोपेडिक डॉक्टरों में कहासुनी हो गई। इसके बाद रात एक बजे मारपीट व तोडफ़ोड़ की गई। 

सीसी कैमरों का रिकॉर्ड खंगाला 

प्रकरण की जांच डॉ. जीपी सिंह, डॉ. बीके ओझा,  डॉ. अनूप वर्मा, डॉ. सुरेश कुमार व डॉ. सुजाता ने शुरू कर दी है। टीम ने ट्रॉमा सेंटर सेकेंड फ्लोर पर लगे सीसी कैमरों का रिकॉर्ड तलब किया। साथ ही चिकित्सकों के जल्द ही बयान दर्ज किए जाएंगे।

Posted By: Divyansh Rastogi

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