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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 27, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मुलायम सिंह और आइजी अमिताभ ठाकुर मामले की जांच को एसआइटी गठित

By Ashish MishraEdited By:
Published: Tue, 27 Feb 2018 08:56 AM (IST)Updated: Tue, 27 Feb 2018 08:58 AM (IST)

उनके स्थानांतरण के बाद वर्तमान सीओ के पास प्रकरण लंबित था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने प्रकरण की विवेचना के लिए एसआइटी गठित की है।

मुलायम सिंह और आइजी अमिताभ ठाकुर मामले की जांच को एसआइटी गठित
मुलायम सिंह और आइजी अमिताभ ठाकुर मामले की जांच को एसआइटी गठित

लखनऊ (जेएनएन)। आइजी अमिताभ ठाकुर को फोन पर धमकी देने के मामले में एसएसपी दीपक कुमार ने एसआइटी का गठन किया है। सीओ हजरतगंज अभय कुमार मिश्र से विवेचना स्थानांतरित कर एसआइटी को दी गई है, जो मामले की पड़ताल करेगी। एसआइटी का नेतृत्व सीओ बाजारखाला अनिल कुमार यादव करेंगे। अब एसआइटी सपा संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के आवाज का नमूना लेगी।

गौरतलब है कि अमिताभ ठाकुर ने मुलायम सिंह यादव के खिलाफ फोन पर धमकी देने की एफआइआर दर्ज कराई थी। आरोप है कि 10 जुलाई, 2015 को मुलायम ने उन्हें फोन पर धमकी दी थी। इस मामले की विवेचना पूर्व में तत्कालीन सीओ हजरतगंज अवनीश कुमार मिश्र कर रहे थे। उनके स्थानांतरण के बाद वर्तमान सीओ के पास प्रकरण लंबित था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने प्रकरण की विवेचना के लिए एसआइटी गठित की है। इसमें सीओ बाजारखाला के अलावा एसएसआइ हजरतगंज बृजेंद्र कुमार मिश्र, एसएसआइ बाजारखाला राज कुमार, सआदतगंज थाने के दारोगा पत्तन खान और हजरतगंज से दारोगा घनश्याम शामिल हैं।

कोर्ट ने दिए थे वॉयस सैंपल लेने के आदेश

इस मामले में 20 अगस्त, 2016 को कोर्ट ने मुलायम सिंह के वॉयस सैंपल लेने के निर्देश दिए थे। हालांकि विवेचक कोर्ट में वॉयस सैंपल पेश नहीं कर पाए थे। कोर्ट के समक्ष सीओ हजरतगंज ने सैंपल लेने के लिए किए गए प्रयासों की रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। रिपोर्ट में उन्होंने कहा था कि कई बार पूर्व विवेचकों के अलावा उन्होंने भी विभिन्न माध्यमों से पूर्व सीएम को आवाज का नमूना देने के लिए नोटिस भेजा था। बावजूद इसके पूर्व मुख्यमंत्री के आवास पर नोटिस नहीं रिसीव नहीं किया गया।