अयोध्‍या, [रघुवरशरण]। पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने राम मंदिर के निर्णय के साथ मस्जिद के लिए दी गई भूमि पर आपत्ति जताई है। वह रामकथापार्क में ब्रह्म सागर संगठन की ओर से आयोजित सनातन महासंगम के उद्घाटन सत्र में भक्तों के प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। मीडिया से बातचीत में भी शंकराचार्य ने कहा, उपहार में मिली भूमि पर मस्जिद निर्माण के साथ मिनी पाकिस्तान का भी निर्माण होगा और काशी विश्वनाथ एवं मथुरा की कृष्णजन्मभूमि के भी निर्णय में मस्जिद के लिए इसी तर्ज पर भूमि दी जाएगी। इस तरह तब अकेले उत्तर प्रदेश में तीन मिनी पाकिस्तान होंगे।

राजनीति और धर्म से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, हमारी दृष्टि में राजनीति का नाम ही रामधर्म, शास्त्रधर्म है। आजकल लोग सत्ता लोलुपता की राजनीति कर रहे हैं और यह राजनीति नहीं है। इसीलिए मैं आज की राजनीति और दो-तीन राजनीतिज्ञों को छोड़कर बाकी को नहीं पसंद करता। शंकराचार्य ने यह भी कहा कि हम तो ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य एवं शूद्र सभी को सनातन वैदिक आर्य सिद्धांत के अनुरूप बनाने में लगे हैं। महासंगम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार, राजनीति और समाज को दिशा देने का कार्य ब्राह्मणों का है। आज की राजनीति के अर्थ बदल चुके हैं और ब्राह्मणों को समाज एवं राजनीति में शुचिता लाने के हर संभव प्रयास करने होंगे।

इस अवसर पर आचार्य पीठ तिवारी मंदिर के महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा, ब्राह्मण प्राणि मात्र के मंगल की कामना की विरासत के अनुरूप आज भी अपने दायित्व निर्वहन के प्रति संकल्पित हो। महासंगम में रघुवंश संकल्प सेवा संस्थान के अध्यक्ष दिलीपदास त्यागी, रामकथा मर्मज्ञ चंद्रांशु महाराज, मधुकरी संत मिथिलाबिहारीदास, संगीतज्ञ मानवेंद्रदास मानस आदि स्थानीय संत-महंत सहित दूर-दराज तक के ब्राह्मण संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

कैविएट के लिए शंकराचार्य ने अनुमति दी: ब्रह्म सागर संगठन के अध्यक्ष एवं पूर्व आइएएस अधिकारी कैप्टन एसके द्विवेदी मस्जिद के लिए भूमि दिए जाने के विरोध में कोर्ट में कैविएट प्रस्तुत करना चाहते हैं। उन्होंने कैविएट प्रस्तुत करने के लिए रामकथापार्क में ही पुरी के शंकराचार्य से अनुमति का निवेदन किया और शंकराचार्य ने इस पर स्वीकृति प्रदान की।

Edited By: Anurag Gupta