लखनऊ, जागरण संवाददाता। लखनऊ विश्वविद्यालय ने परास्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए अनंतिम मेरिट सूची के बाद गुरुवार शाम को 15 विषयों में सीट आवंटन कर दिया। आवंटन की सूचना अभ्यर्थियों के लॉग इन पर 22 अक्टूबर को उपलब्ध होगी। जिस रैंक तक अभ्यर्थियों को सीट आवंटन किया गया है, उसकी रैंक कट आफ वेबसाइट पर उपलब्ध है। प्रवक्ता डा. दुर्गेश श्रीवास्तव ने बताया कि जिन अभ्यर्थियों की सीट आवंटित हुई है, उनकी अर्हता की जांच संबंधित विभाग के माध्यम से आनलाइन होगी। विभाग द्वारा जांच के बाद अर्ह अभ्यर्थियों को फीस आनलाइन अपनी लाग इन के माध्यम से जमा करनी होगी। इसके लिए अंतिम तिथि 24 अक्टूबर तय की गई है। 

इनमें हुआ आवंटनः एलएलबी तीन वर्षीय, इकोनॉमिक्स, एजुकेशन, इंग्लिश, अप्लाइड इकोनामिक्स, एमआइएच, बीएलआइएससी, एमएलआइएससी, जियोग्राफी, जियोलाजी, होमसाइंस, कम्प्यूटर साइंस, मास्टर आफ हास्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, डी फार्मा।

24 तक जमा होगी बीए, बीएससी में दूसरे आवंटन की फीसः लखनऊ विश्वविद्यालय में चार वर्षीय बीए, बीएससी बायोलाजी और बीएससी मैथ्स में आनलाइन काउंसिलिंग के अंतर्गत दूसरे आवंटन एवं अपग्रेडेशन के नतीजे गुरुवार शाम को वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए गए। अभ्यर्थी को अपनी लाग इन आईडी ( जो फार्म भरने के समय से उसे मिला है) के माध्यम से एलाटमेंट लेटर डाउनलोड करना होगा। प्रवेश समन्वयक प्रो. पंकज माथुर का कहना है कि फीस जमा करने का विकल्प खोल दिया गया है। अभ्यर्थियों को 24 अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से फीस जमा करनी होगी। अभ्यर्थी लखनऊ विश्वविद्यालय की वेबसाइट के एडमिशन पेज पर जाकर संबंधित निर्देश अवश्य पढ़ लें।

उप्र हिंदी संस्थान के भारत भारती सम्मान के लिए नियमों में संशोधन: उप्र हिंदी संस्थान द्वारा दिए जाने वाले भारती भारती सम्मान नियमों में आंशिक संशोधन किया गया है। साथ ही, अटल बिहारी वाजपेयी साहित्य सम्मान की के नियम भी तय किए गए हैं। संशोधित नियमानुसार भारत भारती सम्मान अब उन साहित्यकारों को भी दिया जा सकेगा, जिन्हें पूर्व में संस्थान द्वारा लोहिया साहित्य सम्मान, हिंदी गौरव सम्मान, महात्मा गांधी साहित्य सम्मान, पंडित दीनदयाल उपाध्याय साहित्य सम्मान, अवंतीबाई साहित्य सम्मान, अटल बिहारी वाजपेयी सम्मान से अलंकृत किया जा चुका है। इसके लिए सम्मान प्राप्ति के बाद पांच वर्षों तक अनवरत साहित्य सृजन आवश्यक है। भारत भारती सम्मान की धनराशि आठ लाख रुपये है। 

वहीं, अटल बिहारी वाजपेयी साहित्य सम्मान के लिए तय नियमानुसार यह सम्मान ङ्क्षहदी भाषा एवं साहित्य के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त रचनाकार को दिया जाएगा, जिन्होंने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को रचनात्मक अभिव्यक्ति दी है। सम्मान की संख्या एक होगी और इसकी धनराशि पांच लाख रुपये है। उप्र हिंदी संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष डा. सदानंद प्रसाद गुप्त ने बताया कि हिंदी संस्थान की कार्यकारिणी ने प्रस्ताव सरकार के पास भेजा था। उसे सरकार ने अनुमोदित कर दिया है।

Edited By: Vikas Mishra